राशिद खान ने बताया गुजरात टाइटंस की सफलता का राज

गुजरात में गुरुवार को यहां चेन्नई सुपर किंग्स पर 89 रन की बड़ी जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष दो में जगह पक्की की। राशिद ने मैच के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि प्रत्येक टीम में सुधार की गुंजाइश होती है। प्रत्येक टीम किसी विभाग में मजबूत होती है।
राशिद खान के साथ जोनाथन ट्रॉट ( बाएं)
राशिद खान के साथ जोनाथन ट्रॉट ( बाएं)
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अहमदाबाद : गुजरात टाइटंस के मध्य क्रम की कमजोरी की लगातार चर्चा चलती रही है लेकिन उसके स्टार स्पिनर राशिद खान ने कहा कि टीम ने इस सत्र में अपनी कमियों पर ध्यान देने के बजाय खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाया तथा विभिन्न परिस्थितियों से तेजी से सामंजस्य बिठाकर सफलता हासिल की। गुजरात में गुरुवार को यहां चेन्नई सुपर किंग्स पर 89 रन की बड़ी जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष दो में जगह पक्की की। राशिद ने मैच के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि प्रत्येक टीम में सुधार की गुंजाइश होती है। प्रत्येक टीम किसी विभाग में मजबूत होती है। कोई भी टीम शत प्रतिशत संपूर्ण नहीं होती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास कितने अच्छे खिलाड़ी हैं।

पूरे टूर्नामेंट में हमारे मध्य क्रम और ऐसी ही चीजों को लेकर काफी चर्चा हुई है, लेकिन मुझे लगता है कि हर कोई अपना योगदान दे रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘हर कोई अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है और मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप उन 10 या 15 प्रतिशत कमियों के बारे में सोचते रहेंगे तो इसका असर बाकी 70-75 या 80 प्रतिशत पर भी पड़ेगा।’ राशिद ने कहा, ‘हम चीजों को सरल बनाए रखते हैं और यह काफी महत्वपूर्ण है। विरोधी टीम कोई भी हो हमारा खिलाड़ी मौका मिलने पर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। फिर चाहे वह बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या फील्डिंग। इसलिए हम अपने कमजोर और मजबूत पक्षों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं।

हम सिर्फ इस बारे में सोचते हैं कि मैं टीम के लिए कैसे बेहतर कर सकता हूं।’ राशिद ने इस सत्र में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘विकेट में कोई बदलाव नहीं हुआ। मुझे लगता है हमारे पास बहुत अच्छा गेंदबाजी आक्रमण है। विशेषकर हमारे तेज गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है।’ अफगानिस्तान के लेग स्पिनर ने कहा कि गुजरात की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे विपक्षी टीम की तुलना में परिस्थितियों से बहुत जल्दी सामंजस्य बिठा लेते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारी मुख्य ताकत यह है कि हम गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में परिस्थितियों के अनुसार खुद को बहुत जल्दी ढाल लेते हैं।

यही कारण है कि हम सफल रहे हैं।’ राशिद ने कहा कि आधुनिक T-20 क्रिकेट में गेंदबाजों को दबाव में भी आक्रामक सोच रखनी होती है। उन्होंने कहा, ‘इस खेल में जब आप 230 रन के स्कोर का बचाव कर रहे होते हैं तो आप रन लुटाएंगे। ऐसा नहीं है कि आप 18 से 20 डॉट बॉल फेंक सकें। एक गेंदबाज के लिए बल्लेबाजों पर अंकुश लगाना महत्वपूर्ण होता है।’ राशिद ने कप्तान शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन की शीर्ष क्रम में स्पष्टता और निरंतरता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि शुभमन लगातार बेहतर खिलाड़ी बनता जा रहा है। वह परिस्थितियों और मैदान के साथ बहुत जल्दी तालमेल बिठा लेता है और खेल को बहुत जल्दी समझ लेता है।’

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