लंदन : न्यूजीलैंड के केन विलियमसन ने 15 बरस से अधिक के सुनहरे कैरियर के बाद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदा लेने की घोषणा की। इसके साथ ही न्यूजीलैंड क्रिकेट में तीनों प्रारूपों में एक युग का अंत हो गया। अपने शानदार करियर में विलियमसन ने देश के लिये 378 मैच खेले, अनगिनत बल्लेबाजी रिकॉर्ड बनाये और पूरी दुनिया में सम्मान पाया। विलियमसन ने 2025 में ही T-20 प्रारूप से संन्यास ले लिया था। विलियमसन ने न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी बयान में कहा, ‘मैने इस पर काफी सोचा और पिछले कुछ दिन से लग रहा था कि यह सही समय है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिये मेरे भीतर हमेशा मजबूत इच्छाशक्ति और ललक रही है और मुझे इस बात में गर्व है कि न्यूजीलैंड के लिये हर मैच में मैने अपना सब कुछ दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘इससे कम पर खेलते रहना सही नहीं होगा और मैं खुशकिस्मत हूं कि अपने हिसाब से मैने यह फैसला लिया है।’
35 वर्ष के विलियमसन ने न्यूजीलैंड के लिये विभिन्न प्रारूपों में 19346 रन बनाये हैं जिनमें टेस्ट क्रिकेट में 33 शतक और छह दोहरे शतक समेत 9500 से अधिक रन हैं। उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड दो बार ICC विश्व कप फाइनल, तीन सेमीफाइनल में पहुंचा और 2021 में पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीती। वह 2015 में ICC के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर और 2019 में सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर रहे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा, ‘हमारे महानतम खिलाड़ियों में से एक विदा हो रहा है। केन विलियमसन ने त्वरित प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला किया है।’ विलियमसन इस समय इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं जिसमें न्यूजीलैंड पहला मैच 115 रन से हार गई थी। विलियमसन पहली पारी में खाता नहीं खोल सके थे और दूसरी में 18 रन पर आउट हो गए थे। यह पूछने पर कि उन्होंने इस समय संन्यास का फैसला क्यों लिया, उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया के बाद लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले कुछ दिन से इसके बारे में सोच रहा था और लगा कि यह सही समय है। इसका दूसरा पहलू यह है कि मैं एक प्रतिभाशाली समूह देख रहा हूं जिनके आगे एक सफर है, जो इस न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के साथ कुछ खास चीजें कर सकते हैं। वही टीम जिसका मैं इतने लंबे समय तक हिस्सा बनकर बहुत खुशकिस्मत रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड टीम के लिये मेरे मन में काफी सम्मान है और इस खेल के लिये भी। इसलिये मुझे लगा कि आज फैसला लेने का सही समय है।’ क्रिकेट में आक्रामकता के इस दौर में विलियमसन अपने शांतचित्त रवैये, तकनीक और नेतृत्व क्षमता के लिये जाने जाते रहे।
विलियमसन ने कहा कि 16 साल तक न्यूजीलैंड के लिये खेलना एक ऐसा सफर था जिसकी शुरूआत बचपन के सपने से हुई और वह जीवन भर की प्रतिबद्धता बन गया। उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आपको लगातार चुनौती मिलती है और आपको प्रतिदिन बेहतर खेलना होता है। न्यूजीलैंड टीम में होना सिर्फ देश के लिये खेलना नहीं था बल्कि खिलाड़ियों के एक समूह का रिश्ता भी था तो कुछ खास करना चाहते हैं।’ अपने करियर की उपलब्धियों के बारे में उन्होंने कहा कि अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक संतोषजनक न्यूजीलैंड क्रिकेट की प्रगति का हिस्सा बनना रहा। उन्होंने कहा, ‘एक पल या एक उपलब्धि नहीं है । यह एक सफर है जिसमें टीम को बेहतर प्रदर्शन करते और सही दिशा में आगे बढते देखा।’ भविष्य की योजना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा,‘मेरा युवा परिवार है और अब उनके साथ अधिक समय बिताऊंगा। उसके बाद देखते हैं कि आगे क्या करना है।’