चेन्नई : भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी गेंदबाजी है और उन्हें अपना अभियान पटरी पर लाने के लिए इस विभाग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। CSK को मौजूदा सत्र के अपने पहले दोनों मैच में हार का सामना करना पड़ा, जिसमें शुक्रवार को पंजाब किंग्स के हाथों पांच विकेट से मिली हार भी शामिल है। गावस्कर ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘हमने अब तक जो देखा है उससे लगता है कि टूर्नामेंट के बाकी बचे मैचों में CSK के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी गेंदबाजी होगी। इसका मतलब है कि उन्हें अपने गेंदबाजों को मौका देने के लिए लगातार 225-230 के आसपास रन बनाने होंगे।’
उन्होंने कहा, ‘आजकल अधिकतर टीमों की बल्लेबाजी में गहराई है। पंजाब किंग्स को ही लीजिए जिसके पास सातवें नंबर पर मार्कस स्टोइनिस जैसा धाकड़ बल्लेबाज है। कई टीम की बल्लेबाजी में इस गहराई को देखते हुए CSK को अपनी गेंदबाजी मजबूत करनी होगी।’ युवा आयुष म्हात्रे ने CSK के लिए 43 गेंद में 73 रन बनाए जिससे उसकी टीम पांच विकेट पर 209 रन बनाने में सफल रही। गावस्कर ने कहा, ‘मेरा मानना है कि आयुष म्हात्रे के लिए बल्लेबाजी क्रम में तीसरा नंबर अच्छा है। उन्होंने अंडर-19 टीम की तरफ से निचले क्रम में बल्लेबाजी की है, लेकिन नंबर तीन उनके लिए उपयुक्त हो सकता है।
भारत के पूर्व कप्तान ने कहा, ‘म्हात्रे पिछले मैच में पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे, लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं दिखा। यही अगली पीढ़ी की सोच की खूबसूरती है। वे अतीत पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और वर्तमान पर केंद्रित रहते हैं। यह शानदार रवैया है।’ गावस्कर ने रोहित शर्मा की बेहतर फिटनेस और बल्लेबाजी पर इसके प्रभाव की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘हम सभी ने रोहित शर्मा की शारीरिक स्थिति में बदलाव देखा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बहुत मेहनत की है और इसके परिणाम दिख रहे हैं।
उनका फुटवर्क तेज लग रहा है, उनमें अधिक ऊर्जा है और इससे उन्हें क्रीज पर अधिक समय मिलता है।’ भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने प्रियांश आर्य की 11 गेंद में खेली गई 39 रन की पारी की सराहना की। पुजारा ने कहा, ‘प्रियांश आर्य गेंद की लेंथ को बहुत जल्दी भांप लेते हैं। जब भी गेंद थोड़ी शॉर्ट पिच होती है तो वह चूकते नहीं और अक्सर उस पर छक्का जड़ देते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने देखा कि मैट हेनरी और खलील अहमद जैसे गेंदबाजों के खिलाफ भी वह फुल लेंथ गेंदों को चूक नहीं रहे थे, जिसका मतलब है कि गेंदबाजों के लिए गलती की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है।’