

मुंबई : जम्मू कश्मीर के खिलाड़ी आकिब नबी ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन की तेज गति से गेंद को स्विंग कराने की क्षमता ने उन्हें तेज गेंदबाज बनने के लिए प्रेरित किया। इस साल जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी में पहली बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले नबी IPL में दिल्ली कैपिटल्स की टीम में शामिल हैं। उन्हें शनिवार को दिल्ली के घरेलू मैदान पर मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलने का मौका मिल सकता है। नबी ने कहा, ‘बचपन में मैं डेल स्टेन को गेंदबाजी करते हुए देखता था। जिस तरह से वह तेज गति से गेंद को स्विंग कराते थे, उससे मुझे तेज गेंदबाज बनने की प्रेरणा मिली और उम्मीद है कि एक दिन मैं भारत के लिए खेलूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट खेलने के कारण मुझे पिता से बहुत डांट पड़ती थी। वह नहीं चाहते थे कि मैं क्रिकेटर बनूं। वह चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं।’ नबी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लिए मेंटोर (मार्गदर्शक) के रूप में काम करने वाले इरफान पठान ने उनके खेल में काफी सुधार किया। इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘जब इरफान भाई जम्मू कश्मीर के कोच बने तब मैं अंडर-23 टीम में था और वहां मेरे प्रदर्शन ने उनका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने मुझे जम्मू कश्मीर की सीनियर टीम में शामिल करने में मदद की। वह मेरा मार्गदर्शन करते थे, मुझे गुर सिखाते थे और उन्होंने मेरी बहुत मदद की।’
पठान ने कहा कि उनकी योजना जम्मू कश्मीर के लिए तेज गेंदबाजों का एक बड़ा समूह तैयार करना था और नबी इसके मुख्य गेंदबाजों में से एक थे। पठान ने कहा, ‘मैंने औकिब नबी को पहली बार 2018 में देखा था जब मैं जम्मू कश्मीर की टीम का मेंटोर था। तब हम आठ से दस तेज गेंदबाजों का मजबूत समूह बनाना चाहते थे।’ उन्होंने कहा, ‘हम तेज गेंदबाजों का एक से बड़ा समूह तैयार करना चाहते थे और औकिब प्रमुख तेज गेंदबाजों में से एक था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि वह लंबे स्पैल करने में सक्षम था।
अंडर-23 और जूनियर क्रिकेट में उसने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। इसके अलावा वह गेंद को देर से स्विंग करा सकता था।’ पठान ने कहा कि नबी की गेंद की सीम से मूवमेंट निकालने के साथ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की क्षमता उन्हें सबसे अलग बनाती है। उन्होंने कहा, ‘जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी समेत कई अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की सीम सीधी होती है। औकिब नबी की गति 140 किमी प्रति घंटा नहीं हो सकती, लेकिन जिस तरह से वह गेंदबाजी करता है, टप्पा खाने के बाद गेंद की गति बढ़ जाती है। इसके अलावा वह गेंद को स्विंग करा सकता है। यह औकिब नबी की एक बड़ी ताकत है।’