अफवाहों के कारण पेट्रोल-डीजल खरीदने की होड़

सरकार ने कहा आपूर्ति पर्याप्त
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पेट्रोल-डीजल
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नयी दिल्ली : सरकार ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में अफवाहों के कारण पेट्रोल और डीजल खरीदने की होड़ मच गई, जिससे मांग में असाधारण उछाल आया। साथ ही स्पष्ट किया कि जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन का पर्याप्त भंडार है।

रविवार को 400 से अधिक पेट्रोल पंप खाली हो गए : खबरों के अनुसार आंध्र प्रदेश के कई शहरों में कीमतों में तत्काल वृद्धि की अफवाहों के कारण ईंधन खरीदने की होड़ मच गई, जिससे कमी पैदा हुई और रविवार को 400 से अधिक पेट्रोल पंप खाली हो गए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमने कुछ क्षेत्रों में असाधारण वृद्धि देखी है...। डीजल जैसे ईंधन की मांग में 30-33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि कुछ खुदरा बिक्री केंद्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियां समस्या का समाधान कर रही हैं। उपलब्धता की कोई समस्या नहीं है। हमारे पास पर्याप्त भंडार है। अफवाहों के कारण कुछ खुदरा बिक्री केंद्रों पर घबराहट में खरीदारी देखे जाने के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित कर रही हैं।

घबराहट में खरीदारी से बचें : उन्होंने कहा, पीएसयू खुदरा बिक्री केंद्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचें क्योंकि सरकार इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। हालांकि उन्होंने अफवाहों के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतदान का अंतिम चरण पूरा होने के बाद कीमतों में वृद्धि की चर्चाओं ने इस स्थिति को जन्म दिया होगा।

क्या है मामला : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सरकारी तेल कंपनियां इसका प्रभाव खुद झेल रही हैं। हालांकि, विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी समर्थन के बिना तेल कंपनियां कब तक कीमतों को स्थिर रख पाएंगी। शर्मा ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखी है।

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