प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : गंगासागर मेला 2026 को लेकर राज्य सरकार अभूतपूर्व तैयारियों के साथ मैदान में उतर चुकी है। इसी क्रम में सागर द्वीप पर राज्य ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े हेलीपैड में से एक - गंगासागर हेलीपैड का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अत्याधुनिक हेलिपैड से एक ही समय में तीन-तीन हेलिकॉप्टरों का टेक-ऑफ और लैंडिंग संभव होगी। मकर संक्रांति के पावन स्नान को ध्यान में रखते हुए इसे तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
राज्य प्रशासन ने इस वर्ष मेले के समय कोलकाता और गंगासागर के बीच सप्ताह के पांच दिन हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की पहल की है। पहले यह सेवा सप्ताह में केवल दो दिन उपलब्ध थी और मेला अवधि में भी सीमित रहती थी। राज्य में विधानसभा के चुनावी माहौल के बीच पहली बार गंगासागर मेले में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। मेला शुरू होने से पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु सागर द्वीप पहुंचने लगे हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023 में गंगासागर में तीन स्थायी हेलिपैड बनाए गए थे जिसे अब पूर्ण रूप से चालू किया जा रहा है। इससे वीआईपी, प्रशासनिक अधिकारी और आम तीर्थयात्री सभी लाभान्वित होंगे। एक हेलिकॉप्टर में एक साथ 10 से 12 श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे, जिससे भीड़ और समय दोनों की बचत होगी। श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए टिकट की कीमत भी किफायती रखने का प्रयास किया जा रहा है।
यह हेलिकॉप्टर सेवा मुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथियों के त्वरित आवागमन के साथ-साथ आपात स्थिति, निगरानी और राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगी। गंगासागर ईको-टूरिज्म जैसी संस्थाओं के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराकर इसे आम लोगों के लिए और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। गंगासागर मेला 2026 में यह पहल तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का नया अध्याय जोड़ने जा रही है।