बेटे का शव लाने के पैसे नहीं हैं

बेबस मां ने वीडियो कॉल पर देखी बेटे की जलती चिता
मां
बेटे का शव लाने के पैसे नहीं हैंचित्र इंटरनेट से साभार
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मुजफ्फरनगर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पवित्र शुकतीर्थ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। तस्वीर है एक ऐसी मां की, जो अपने बेटे को अंतिम विदाई तक नहीं दे पाई। आखिरी बार सामने से उसका चेहरा तक नहीं देख पाई। मजबूरी ऐसी कि उसने हजारों किलोमीटर दूर से मोबाइल स्क्रीन पर अपने कलेजे के टुकड़े की जलती हुई चिता को देखा। उसकी ये मजबूरी, ममता पर भारी पड़ गई।

पूरा मामला मुजफ्फरनगर के पुरकाजी इलाके का है, जहां बीते शुक्रवार को गंगनहर पटरी पर एक सड़क हादसे में 38 साल के निवास शील की जान चली गई थी। निवास शील एक प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे और इन दिनों उनकी तैनाती हरिद्वार में थी। ड्यूटी से लौटते वक्त एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। निवास शील को तुरंत पुरकाजी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने लाश को मोर्चरी में रखवा दिया और मृतक के पास मिले पते के आधार पर उनके परिजनों को सूचना दी। जब यह दुखद खबर त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में उनके गांव दुरलभ नारायण पहुंची, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन, इससे भी ज्यादा दुखद और कलेजे को चीर देने वाला पल उस वक्त सामने आया, जब मां कल्पना शील ने अपने बेटे के अंतिम संस्कार को लेकर सिक्योरिटी कंपनी को एक चिट्ठी लिखी।

मां ने बताई अपनी मजबूरी

अपनी चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और उनके पास इतने रुपये नहीं हैं कि वह अपने बेटे का शव गांव ला सकें। इतना ही नहीं, परिवार का कोई भी सदस्य इतनी दूर यूपी के मुजफ्फरनगर आने की स्थिति में नहीं है। अपनी चिट्ठी में उन्होंने गुजारिश की, कि कंपनी ही उनके बेटे का अंतिम संस्कार करा दे।

कंपनी ने शुकतीर्थ में कराया अंतिम संस्कार

एक मां की इस बेबसी ने सभी को भावुक कर दिया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस से संपर्क किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निवास शील के शव को शुकतीर्थ ले जाया गया। यहां पूरे विधि-विधान के साथ निवास शील का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान त्रिपुरा में मौजूद उनके परिवार ने वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया देखी।

स्क्रीन के उस पार बैठी मां अपने बेटे की चिता को जलते हुए देखती रही। जैसे-जैसे आग की लपटें उठती गईं, मां का दिल टूटता गया। परिवार के बाकी सदस्य भी ये सब देखकर खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। वहीं, अंतिम संस्कार में मौजूद कंपनी के लोगों की भी आंखें भर आईं।

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