वाराणसी में बुर्का, हिजाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर आने वालों को आभूषण नहीं मिलेगा

शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने इस मामले पर कहा कि यह कोई गलत काम नहीं है।
वाराणसी में बुर्का, हिजाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर आने वालों को आभूषण नहीं मिलेगा
Published on

वाराणसी: वाराणसी में चोरी, लूट और ठगी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापारियों ने बुर्का, हिजाब, घू्ंघट और हेलमेट पहनकर आने वाले ग्राहकों को आभूषण नहीं बेचने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष कमल सिंह ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा ''चेहरा ढककर आये ग्राहकों को हम आभूषण नहीं बेचेंगे क्योंकि नकाबपोश व्यक्ति यदि कोई वारदात करता है तो उसकी पहचान नहीं हो पाती।'' सिंह ने कहा, ''हमने अपनी दुकानों के आगे पोस्टर लगाए हैं जिन पर लिखा है मास्क, बुर्का, हेलमेट और नकाब पहनकर दुकान में आना मना है।'' उन्होंने कहा कि दुकानदारों की चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है और ग्राहक चेहरा दिखाकर खरीदारी कर सकते हैं, जिससे हम सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।

वाराणसी में बुर्का, हिजाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर आने वालों को आभूषण नहीं मिलेगा
बिहार: चेहरा ढककर ज्वेलरी खरीदने गए तो होगी मुसीबत

सिंह ने कहा, “आभूषण व्यवसाय कीमती वस्तुओं का कारोबार है। अपराधी अक्सर हेलमेट, बुर्का पहनकर वारदात को अंजाम देते हैं। इस लिए मास्क, बुर्का, हेलमेट और नकाब पहनकर आने पर हम आभूषण नहीं बेचेंगे।” उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने बताया कि झांसी समेत प्रदेश के कई जिलों में स्वर्णकारों की दुकानों के आगे इस तरह के पोस्टर लगे हैं। सेठ ने कहा कि वाराणसी में आभूषण की हजारों दुकान हैं, सभी को नकाबपोश, बुर्का पहनकर आने वालों से है। उन्होंने कहा कि दुकानदार किसी व्यक्ति के धर्म का विरोध नहीं कर रहे बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहे हैं।

सेठ ने कहा कि मुस्लिम ग्राहक बुर्का पहनकर आएं लेकिन दुकान पर नकाब हटा दें, ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। लोहता थाना क्षेत्र के आभूषण व्यवसायी शाहिद ने कहा कि बुर्का पहन कर दुकान में आने से मना करना गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह से मना करने पर ग्राहक नहीं आएंगे और बुर्का पहनने वाली महिला को नकाब हटाने के लिए कहना गलत और अपमानजनक बात होगी।

शासकीय अधिवक्ता राणा संजीव सिंह ने इस मामले पर कहा कि यह कोई गलत काम नहीं है। उन्होंने कहा कि हालिया कुछ घटनाओं में बुर्का पहन कर आईं महिलाओं का आभूषण की दुकानों में चोरी करते हुए सीसीटीवी में सामने आया है, लेकिन नकाब की वजह से उनकी पहचान नहीं हो पायी। सिंह ने कहा कि सब को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, इसमें कोई गलत बात नहीं है।

वाराणसी में बुर्का, हिजाब, घूंघट और हेलमेट पहनकर आने वालों को आभूषण नहीं मिलेगा
तापमान गिरते ही बुज़ुर्गों में वैक्सीनेशन की बढ़ी मांग

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in