

कोलकाता : शहर में तापमान के 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के साथ ही बुज़ुर्गों में निमोनिया और इन्फ्लूएंजा जैसी सर्दियों की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते कोलकाता के विभिन्न अस्पतालों में वैक्सीनेशन की मांग में तेज़ उछाल देखा जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, दोनों बीमारियों से पीड़ित मरीज़ों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण कई मामलों में अस्पताल में भर्ती तक की नौबत आ गई। बढ़ती मांग के कारण कुछ अस्पतालों में वैक्सीन का स्टॉक अपेक्षा से जल्दी खत्म हो रहा है, जबकि कई जगहों पर मरीज़ों को पहले से अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी जा रही है।
मणिपाल हॉस्पिटल्स ने वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए व्हाट्सऐप संदेश भेजे हैं, जिनमें सुरक्षित और विशेषज्ञों की निगरानी में टीकाकरण की अपील की गई है। मणिपाल हॉस्पिटल के इन्फेक्शियस डिज़ीज़ विशेषज्ञ डॉ. सायन चक्रवर्ती ने बताया कि पहले निमोनिया से पीड़ित रह चुके लोग वैक्सीन लगवाने को लेकर अधिक सतर्क दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन टीकों को आदर्श रूप से सर्दी शुरू होने से पहले लगवा लेना चाहिए।
पल्मोनोलॉजी विभाग प्रमुख ने बताया कि इन्फ्लूएंजा के मामलों में सभी उम्र के लोगों में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, जिन लोगों ने पहले वैक्सीन लगवाई थी, उनमें लक्षण हल्के रहे और ICU में भर्ती की ज़रूरत नहीं पड़ी। वहीं बिना वैक्सीनेशन वाले मरीज़ों में सांस की गंभीर समस्या देखी गई। BP पोद्दार हॉस्पिटल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में न्यूमोकोकल और इन्फ्लूएंजा वैक्सीनेशन में लगभग 20% की वृद्धि हुई है। अस्पताल के ग्रुप एडवाइजर ने बताया कि केवल पिछले एक हफ्ते में ही करीब 50 वैक्सीनेशन अपॉइंटमेंट दर्ज किए गए।
हॉस्पिटल के कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक कोले ने कहा कि निमोनिया और सीजनल इन्फ्लूएंजा तेजी से गंभीर रूप ले सकते हैं, खासकर बुजुर्गों और हाई-रिस्क समूहों में। उन्होंने बताया कि इन्फ्लूएंजा का टीका हर साल लगवाना चाहिए, जबकि न्यूमोकोकल वैक्सीन उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय शेड्यूल में दी जाती है। टेक्नो इंडिया DAMA हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एमएस पुरकैत ने बताया कि कोविड काल में बने वैक्सीनेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर बढ़ती मांग को संभाला जा रहा है।