

शिलांग : मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिला प्रशासन ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और शिकायतों के निवारण से संबंधित POSH Act, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय समिति का पुनर्गठन किया है। समिति का गठन अधिनियम की धारा 6(1) के तहत किया गया है। नई समिति उन प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं की यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को देखेगी, जहां 10 से कम कर्मचारी होने के कारण आंतरिक समिति का गठन नहीं किया गया है। इसके अलावा नियोक्ता के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर भी यह समिति कार्रवाई करेगी। POSH Act की धारा 6 के तहत ऐसी शिकायतों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति का प्रावधान है।
एडीसी दलिकिंटी खारशींग अध्यक्ष
पूर्वी खासी हिल्स के अतिरिक्त उपायुक्त डी. खारशींग (दलिकिंटी खारशींग) को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शिलांग म्युनिसिपल बोर्ड की विधि अधिकारी एभामिकी वार पाकिनटेन को कानूनी प्रतिनिधि सदस्य बनाया गया है। समिति में गैर-सरकारी संगठन और नागरिक समाज से ग्रासरूट शिलांग की अध्यक्ष मेफेरीन रिंथाथियांग तथा शामाकामी एनजीओ की संस्थापक-अध्यक्ष रेबिना सुब्बा को सदस्य बनाया गया है। वहीं पूर्वी खासी हिल्स की सहायक आयुक्त डॉ. शैनन एन. संगमा और जिला समाज कल्याण अधिकारी ओलिविया सी. नोंगबरी पदेन सदस्य के रूप में समिति में शामिल होंगी।
11 ब्लॉकों में नोडल अधिकारी
जिला प्रशासन ने शिकायतों तक स्थानीय स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी खासी हिल्स के सभी 11 सीएंडआरडी ब्लॉकों के प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इनमें माइलियम, मावफ्लांग, मावसिनराम, मावरिंगकनेंग, मावकनर्यू, पिनुरसला, शेला-भोला गंज, खतरशनोंग लैतक्रोह, सोहियॉन्ग, मावपत और मावलाई ब्लॉक शामिल हैं। नियुक्त अध्यक्ष और समिति के सदस्यों का कार्यकाल नियुक्ति की तारीख से अधिकतम तीन वर्ष का होगा। जिला प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य खासकर उन छोटे प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करना है, जहां आंतरिक समिति का गठन अनिवार्य नहीं है।