

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और शिक्षाविद मदनमोहन मालवीय के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उन्हें सही मायने में राजनेता बताया। सिंह दिल्ली विधानसभा में दोनों नेताओं के चित्रों का अनावरण करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण
केंद्रीय मंत्री ने ‘‘भारत माता’’ विषय पर एक कॉफी टेबल बुक का भी लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं। सिंह ने कहा कि वाजपेयी और मालवीय के चित्रों का अनावरण उनके शब्दों और कार्यों की एक मौन स्मृति है। उन्होंने लोगों से शिक्षा को राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने का एक साधन मानने का आह्वान किया, जैसा कि मालवीय ने किया था और राजनीति को वाजपेयी की तरह लोक सेवा के रूप में लेने का आग्रह किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि मालवीय और वाजपेयी सही मायने में राजनेता थे।
दोनों नेताओं ने शिक्षा को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का प्रयास किया
सिंह ने कहा कि वाजपेयी ने स्वतंत्र भारत में शिक्षा को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उनका (वाजपेयी) मानना था कि संकीर्ण मानसिकता से कोई महान नहीं बन सकता और उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि राजनीतिक मतभेद कभी भी कलह में तब्दील न हों। उन्होंने कहा, ‘‘वाजपेयी ने हमें सिखाया कि सत्ता में रहते हुए विनम्र रहना चाहिए और विपक्ष में रहते हुए राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए।
यहां तक कि किसी की आलोचना करते समय भी वह हमेशा गरिमा बनाए रखते थे और उन्हें आहत करने से बचते थे।’’ उन्होंने कहा कि वाजपेयी मालवीय के विचारों और कार्यों के ‘‘सच्चे उत्तराधिकारी’’ थे। इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, विधायी मामलों के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।