

नई दिल्ली : सूरज की तपिश अब झुलसाने वाली आग में तब्दील हो चुकी है, जिससे समूचा आसमान दहकते अंगारे जैसा प्रतीत हो रहा है। आलम यह है कि भीषण गर्मी के आगे अब एयर कंडीशनर और कूलर जैसी मशीनें भी बेअसर साबित हो रही हैं। विशेषकर महाराष्ट्र के विदर्भ और उत्तरी क्षेत्रों में कुदरत का कहर इस कदर बरपा है कि पारा 45 डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को पार कर गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह त्रस्त और बेहाल है। हालत यह है कि यहां 7 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 31 लोग बीमार हैं। हीटस्ट्रोक को इसकी वजह माना जा रहा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने हीट एक्शन प्लान लागू कर दिया है।
सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के बाकी हिस्सों में भी यही हाल है। दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार जाने का अनुमान है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है। ओडिशा में भी 14 जगह पारा 40 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग बदली जा रही है। अस्पतालों में स्पेशल वॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में 7 मौतें : महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से भीषण गर्मी और लू के कारण सात लोगों की संदिग्ध मौत के दर्दनाक समाचार सामने आए हैं, जहाँ वाशिम के डोंगरकीन्ही गांव में हल्दी प्रोसेसिंग के दौरान 25 वर्षीय गोपाल ठाकरे की जान चली गई, वहीं लातूर में 60 वर्षीय किसान लक्ष्मण भंडारे और अहिल्यानगर के मालवाड़ी में चारा काटते समय हर्षदा चौधरी की लू की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इसी जिले के श्रीगोंदा में भी एक किसान ने दम तोड़ा है, जबकि अकोला में एक ऑटो चालक अपने वाहन में मृत पाया गया और जलगांव के जितेंद्र पाटिल तथा सोलापुर के एक बुजुर्ग किसान की भी खेत में काम के दौरान तबीयत बिगड़ने और चक्कर आने जैसी भीषण गर्मी की शिकायतों के बाद दुखद मौत हो गई।