खराब मरम्मत पड़ी महंगी: मैकेनिक पर लगा 66 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना

बाइक की खराब मरम्मत पर कंज्यूमर कमीशन सख्त, खराब मरम्मत के चलते मैकेनिक पर गिरी गाज
Kerala
खराब मरम्मत पड़ी महंगी
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कोच्चि: केरल के जिला उपभोक्ता आयोग (डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन) ने मोटरसाइकिल की लापरवाहीपूर्ण मरम्मत के मामले में एक बाइक मैकेनिक को दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 66 हजार रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

आयोग ने अपने फैसले में कहा कि वाहन की मरम्मत में बरती गई गंभीर लापरवाही के कारण उपभोक्ता को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।

मामले के अनुसार, तिरुवनंतपुरम के दिहाड़ी मजदूर रेंजिथ आर ने जुलाई 2025 में अपनी हीरो ग्लैमर स्थानीय मैकेनिक अनिल कुमार बी की वर्कशॉप में दी थी, क्योंकि इंजन में कोई समस्या आ गई थी।

मैकेनिक ने मरम्मत का दावा करते हुए वाहन ग्राहक को सौंप दिया, लेकिन मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद मोटरसाइकिल दोबारा बुरी तरह खराब हो गई। इससे शिकायतकर्ता को अपने काम पर जाने में कठिनाई हुई और उसे अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

इस मामले को लेकर पीड़ित ने मैकेनिक के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की। आयोग ने पाया कि वाहन की मरम्मत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं की गई थी।

आयोग ने अपने आदेश में मैकेनिक को शिकायतकर्ता को मरम्मत की लागत, हुए आर्थिक नुकसान, मानसिक कष्ट तथा मुकदमेबाजी के खर्च सहित कुल 66 हजार रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।

आयोग ने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद सेवा मिलना उनका अधिकार है तथा सेवा प्रदाताओं की लापरवाही के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।

उपभोक्ता अधिकारों के क्षेत्र में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सेवा प्रदाताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि खराब या लापरवाहीपूर्ण सेवा देने पर उन्हें कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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