

अंजलि भाटिया
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी अपने कानून, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग को अब देशभर में जिला स्तर तक मजबूत और सक्रिय करने जा रही है। इसके तहत हर प्रशासनिक जिले में कम से कम पांच सक्रिय वकीलों की टीम बनाई जाएगी, जो संगठन के लिए काम करेगी और जरूरत पड़ने पर अदालतों में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखेगी।
संगठन विस्तार अभियान का हिस्सा
एआईसीसी के कानून, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि यह कदम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे संगठन विस्तार अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर नियुक्त किए जाने वाले वकील जमीनी स्तर पर पार्टी की आंख और कान की तरह काम करेंगे और स्थानीय मुद्दों को सीधे संगठन तक पहुंचाएंगे।
रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स
बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद सहित देश के 11 राज्यों के अध्यक्षों ने प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। डॉ. सिंघवी ने जानकारी दी कि हर राज्य में एक ‘रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स’ भी बनाई जाएगी। इसमें कम से कम पांच अनुभवी वकील होंगे, जो पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में तुरंत कार्रवाई करेंगे और अदालतों में तेजी से पक्ष रखेंगे। इसके साथ ही पार्टी देशभर में विभाग से जुड़े वकीलों की एक डिजिटल सूची तैयार करेगी, जिसमें सभी सदस्यों के नाम राज्यवार और क्रमबद्ध तरीके से दर्ज होंगे। इससे संगठन को बेहतर समन्वय और तेजी से काम करने में मदद मिलेगी।
युवाओं के लिए इंटर्नशिप
युवाओं को जोड़ने पर जोर देते हुए डॉ. सिंघवी ने बताया कि 21 से 28 वर्ष आयु वर्ग के उन युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो अभी कांग्रेस से सीधे तौर पर नहीं जुड़े हैं। शुरुआत में ऐसे एक या दो इंटर्न को देश के 127 सांसदों के साथ जोड़ा जाएगा। आगे चलकर यह योजना विधायकों तक भी बढ़ाई जाएगी। कांग्रेस का मानना है कि इस पहल से पार्टी की कानूनी मजबूती बढ़ेगी, जमीनी स्तर पर समस्याओं पर तेजी से कार्रवाई होगी और युवाओं को राजनीति व सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का नया मंच भी।