1,056 श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा के बीच कश्मीर रवाना

चार लाख श्रद्धालु कर चुके बाबा बर्फानी के दर्शन
1,056 श्रद्धालु कड़ी सुरक्षा के बीच कश्मीर रवाना
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जम्मू। अमरनाथ यात्रा के 26वें जत्थे में शामिल 1,056 श्रद्धालु रविवार देर रात जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर के लिए रवाना हुए। अधिकारियों के अनुसार, रात 2:50 बजे 46 वाहनों का काफिला बालटाल मार्ग के लिए निकला। जत्थे में 832 पुरुष, 205 महिलाएं, दो बच्चे, 15 साधु और दो साध्वी शामिल हैं। प्रशासन ने पूरे मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है और काफिले को सुरक्षा बलों की निगरानी में घाटी की ओर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि इस जत्थे के रवाना होने के साथ ही जम्मू आधार शिविर से अब तक करीब 1.40 लाख श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए कश्मीर भेजे जा चुके हैं। मौजूदा सीजन में यह अब तक का सबसे छोटा जत्था है, जिससे संकेत मिलता है कि यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

अंतिम चरण में पहुंची पवित्र यात्रा

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई थी और यह 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को होगा। अब तक 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों—पहलगाम और बालटाल—से गुफा तक पहुंचते हैं। बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा लेकिन अधिक कठिन माना जाता है, जबकि पहलगाम मार्ग लंबा होने के बावजूद पारंपरिक और अपेक्षाकृत सुगम है।

सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण यात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस बार भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन, पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और विभिन्न नागरिक एजेंसियों ने संयुक्त रूप से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी, काफिला सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी तथा चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था की गई है। मार्ग पर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, ऑक्सीजन केंद्र, विश्राम स्थल और नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रा अब अंतिम चरण में है, फिर भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर यात्रा संचालन में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें।

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