

कोलकाता : यह घटना तब की है जब अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी पिछले साल 13 दिसंबर को 'GOAT Tour to India' के तहत कोलकाता दौरे पर भी आए थे। तब विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में मेसी के इवेंट के दौरान अफरातफरी मच गई थी, जिसके चलते मेसी सिर्फ 10 मिनट स्टेडियम में रहे थे और वो उन्होंने स्टेडियम का चक्कर भी नही लगाया था।
महंगे टिकट खरीदकर लियोनेल मेसी को देखने आए प्रशंसक नाराज हो गए और जमकर बवाल किया था। प्रशंसकों ने स्टेडियम में फैन्स ने बोतलें फेंकी, सीटें तोड़ीं और होर्डिंग्स फाड़े। उस पूरे मामले में आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया था। पश्चिम बंगाल की तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार को विपक्षी दलों ने कठघरे में खड़ा किया था। मेसी के उस इवेंट में मची अफरातफरी के चलते भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचा था।
अब क्या होगा ?
अब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पूरे मामले की फाइल्स दोबारा खोली जाएंगी। पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने इस बात की पुष्टि करते हुए साफ कहा है कि इस पूरे मामले की जांच होगी और यह पता लगाया जाएगा कि आखिर इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई। उन्होंने कहा, 'मैंने फाइलें मंगवाई हैं क्योंकि यह बहुत बड़ा फियास्को था। जांच के बाद पता चलेगा कि क्या गलत हुआ और फिर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।'