

प्रसेनजीत
कोलकाता: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दावा किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक “गुप्त बैठक” बुलाई थी, जिसमें सीबीआई, ईडी और एनआईए के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
पार्टी ने कहा कि दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार अगले 150 घंटों में दक्षिण बंगाल के किसी जिले में “बड़ा घटनाक्रम” हो सकता है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा चुनावी हार की आशंका के चलते केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
इस संबंध में राज्य मंत्री शशि पांजा ने कहा, “एक महिला को हराने के लिए 18 कैबिनेट मंत्री, स्वयं प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री मैदान में उतर गए हैं। साथ ही आधा दर्जन मुख्यमंत्री, ईडी, सीबीआई, एनआईए और लगभग 2400 सैनिक भी शामिल हैं। एक तरफ सभी हैं, और दूसरी तरफ अकेली एक महिला खड़ी है।”
टीएमसी ने यह भी दावा किया कि जहां भाजपा कमजोर है, वहां एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी के अनुसार, जिन जिलों में भाजपा की संगठनात्मक शक्ति कमजोर है, वहीं आने वाले दिनों में केंद्रीय एजेंसियों के जरिए किसी बड़े कदम या ‘घटना’ को अंजाम देने की योजना बनाई गई है।
इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।