साइबर ठगों को फर्जी सिम की सप्लाई का खुलासा, बनगांव में एजेंट गिरफ्तार

25 सिम, दो मोबाइल और फिंगरप्रिंट मशीन बरामद
सांकेतिक फोटो
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साइबर ठगों के साथ आतंकी कनेक्शन की भी जांच

बनगांव : फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड जारी कर उन्हें कथित तौर पर साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क का बनगांव साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक सिम विक्रेता एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मजनू मंडल उर्फ सुजन के रूप में हुई है। वह बागदा थाना क्षेत्र के बेयाड़ा का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान 25 सक्रिय और निष्क्रिय सिम कार्ड, दो मोबाइल फोन, फिंगरप्रिंट मशीन और कई दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सिम कार्डों के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने का संदेह है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान एक संदिग्ध सिम एजेंट का पता चला। तकनीकी जांच आगे बढ़ने पर कथित तौर पर मजनू मंडल तक पुलिस पहुंची। आरोप है कि वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी करता था और बाद में उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सिम कार्डों को किन लोगों तक पहुंचाया गया और उनका इस्तेमाल किन मामलों में हुआ। जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क में चार अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। सभी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि नेटवर्क का संबंध सिर्फ साइबर ठगी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है। सीमावर्ती इलाके से फर्जी तरीके से जारी सिम कार्ड की आवाजाही को देखते हुए उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद सिम कार्ड कहीं बांग्लादेश के रास्ते दूसरे देशों तक तो नहीं पहुंचे और उनका इस्तेमाल जासूसी या आतंकी गतिविधियों में तो नहीं किया गया।

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