

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में उम्मीदवार चयन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। भाजपा नेता दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार ने पहले राजारहाट-न्यूटाउन सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी और अपना बायोडाटा भी पार्टी को सौंपा था। हालांकि, जब भाजपा ने इस सीट से पीयूष कनोरिया को उम्मीदवार घोषित किया, तो रिंकू ने नाराजगी जाहिर की और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। शुरुआती बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रत्याशी वित्तीय अनियमितताओं और अन्य मामलों में शामिल हैं। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील बंसल को इसकी जानकारी देने का भी दावा किया था। हालांकि, बाद में उनका लहजा नरम पड़ गया। रिंकू ने सफाई दी कि वह कभी टिकट पाने के लिए बेचैन नहीं थीं और मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति को उनकी सीट के लिए उम्मीदवार बनाया गया है, वह उनके अनुसार सही नहीं है और अगर बेहतर उम्मीदवार चुना जाता तो पार्टी को अधिक फायदा होता। वहीं इस पूरे विवाद पर दिलीप घोष ने कहा कि उनकी पत्नी पार्टी की पुरानी कार्यकर्ता हैं और उम्मीदवारों की सूची आने के बाद कई लोगों ने असंतोष जताया है, लेकिन वह किसी के बयान के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।