

रायबरेली : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके शिशुओं के अपहरण और उनकी अवैध खरीद-फरोख्त में कथित रूप से शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।
अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने नौ महीने के एक अपहृत बच्चे को सुरक्षित बरामद करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर अकेली यात्रा कर रही महिलाओं से पहले दोस्ती करते थे, उनका विश्वास जीतते थे और फिर मौका पाकर उनके शिशुओं को अपहरण कर लेते थे। इन बच्चों को अवैध रूप से अन्य राज्यों में बेचने के लिए नेटवर्क के माध्यम से सौदे किए जाते थे।
मामला तब सामने आया जब मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की रहने वाली और वर्तमान में दिल्ली में रह रही एक महिला ने कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि 13 मई को वह ट्रेन से अपने 2 बच्चों के साथ यात्रा कर रही थी, तभी रास्ते में एक दंपत्ति ने उससे संपर्क बढ़ाया और रायबरेली स्टेशन पहुंचने से पहले उसका 9 माह का बच्चा कथित तौर पर ले लिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कई टीमों का गठन किया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह शिशुओं की खरीद-फरोख्त के एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है।
पुलिस ने बताया कि तकनीकी निगरानी, CCTV फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर 20 मई को रेलवे कॉलोनी क्षेत्र के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बच्चे को सुरक्षित बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामकुमार दास और उसकी पत्नी रेशमा (अररिया, बिहार), सुमित कुमार (रामपुर), संजय कुमार, ब्रह्मपाल सिंह, बबीता सैनी, अर्चना सिंह (मुरादाबाद), हरीश चंद्र (अमरोहा) और किरणजीत कौर (उधम सिंह नगर, उत्तराखंड) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में एक संगठित नेटवर्क के जरिए बच्चों की खरीद-फरोख्त की बात सामने आई है। मामले की जांच जारी है।