गाजीपुर पुलिस उपद्रवियों को चिह्नित कर करेगी सख्त कार्रवाई

मुठभेड़ में मारे गए इनामी बदमाश के समर्थकों ने शव सड़क पर रखकर किया हंगामा
सांकेतिक फोटो
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गाजीपुर : गाजीपुर पुलिस से मुठभेड़ में मारे गए इनामी बदमाश के शव को सड़क पर रखकर उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ ईरज राजा ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए अपराधी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद के शव को सड़क पर रखकर जिन लोगों ने उपद्रव किया और पुलिस वालों को घायल किया, उनको चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एसपी ने कहा कि आरोपियों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में भी निरुद्ध किया जा सकता है।गाजीपुर जिले में एक होटल व्यापारी की हत्या के मामले में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश कमलेश बिंद बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद 29 मई को एक स्थानीय होटल व्यवसायी विनीत राय (29) की हत्या के मामले में वांछित था। कमलेश इस मामले के चार नामजद आरोपियों में से एक था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गुरुवार की देर शाम जब पुलिस की सुरक्षा में कमलेश का शव उसके गांव से शमशान घाट ले जाया जा रहा था, तो गाजीपुर रेलवे स्टेशन के पास वाले रेलवे क्रॉसिंग पर वहां उपस्थित भीड़ ने हंगामा कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि उपद्रवियों ने पत्थरबाजी करना आरंभ कर दिया, जिसमें पुलिस के अधिकारी व जवान घायल भी हुए। उसके बाद पुरुष तथा महिला पुलिस के जवानों ने स्थिति को काबू में किया। शव को पूरी सुरक्षा के साथ श्मशान घाट पहुंचाया गया जहां मृतक के परिजन ने उसका अंतिम संस्कार किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी मुठभेड़ में कमलेश को मारा गया। इस मामले में भीड़ की प्रतिक्रिया का एक वीडियो साझा करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, BJP के राज में महाभ्रष्ट ‘शासन-प्रशासन’ ने जनता का विश्वास खो दिया है।

उन्होंने कहा, हत्याओं और मुठभेड़ ने उप्र की छवि को पूरी तरह नकारात्मक बना दिया है। BJP खुद अपराधी है।

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने विनीत हत्याकांड के चारों नामजद आरोपियों पर इनाम की घोषणा की थी। मुख्य आरोपी शंकर पांडेय और कमलेश पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था, जबकि दो अन्य आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था।

जांच अधिकारियों के अनुसार, विनीत राय की कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग को लेकर 29 मई की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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