

नयी दिल्ली / मुंबई : शिवसेना ठाकरे गुट के 6 बागी सांसद आने वाले दिनों में अपना अलग संसदीय गुट बनाने की तैयारी में हैं। सूत्रों ने बताया कि, परभणी के सांसद संजय जाधव को इस नए गुट का नेता बनाया जा सकता है। सांसद श्रीकांत शिंदे ने कुछ समय पहले ही इन सभी सांसदों से फोन पर फिर से बात की है। सांसदों ने श्रीकांत से कहा कि वे पिछले एक साल से उद्धव ठाकरे के प्रति अपनी नाराजगी ज़ाहिर कर रहे थे, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।
इससे पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 लोकसभा सदस्यों में से 6 बृहस्पतिवार को संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए जिससे पार्टी में विभाजन के संकेत स्पष्ट हो गए। शिवसेना (उबाठा) के सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे बैठक में शामिल हुए। पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सदस्य संजय राउत भी बैठक में मौजूद थे। शेष 6 सांसदों की गैर मौजूदगी ने पार्टी के संसदीय दल में विभाजन की लगभग पुष्टि कर दी।
बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। बैठक के बाद सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि इन 6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी की जाएंगी। लोकसभा में शिवसेना (उबाठा) के नेता सावंत ने कहा, ‘‘उनसे पूछा जाएगा कि व्हिप जारी किए जाने के बावजूद वे बैठक में शामिल क्यों नहीं हुए। उन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। यदि वे जवाब नहीं देते हैं तो हम उनकी सदस्यता रद्द किए जाने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखेंगे।''
इधर, उद्धव ठाकरे के 6 बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। महाराष्ट्र सरकार के इंटेलिजेंस कमिश्नर के आदेश पर इन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया गया है।
सूत्रों का दावा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिन 6 सांसदों के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का प्रयोग किया गया, उससे संबंधित सांसदों की नाराजगी और बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यही नाराजगी बैठक से दूरी बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण वजह भी मानी जा रही है, हालांकि, इस संबंध में संबंधित सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।