पानीहाटी में विजया सम्मेलन के दौरान विवाद, स्पोर्टिंग क्लब के गेट पर मिला ताला

विधायिका रत्ना देबनाथ को अंदर जाने से रोका गया तृणमूल और भाजपा के एक धड़े पर लगाया साजिश का आरोप
पानीहाटी में विजया सम्मेलन के दौरान विवाद, स्पोर्टिंग क्लब के गेट पर मिला ताला
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बैरकपुर : उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में शनिवार को विजया सम्मेलन के आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विधानसभा क्षेत्र की विधायिका रत्ना देबनाथ ने कार्यक्रम के लिए 127 साल पुराने पानीहाटी स्पोर्टिंग क्लब को चुना था। क्लब प्रबंधन को इसकी पूर्व सूचना भी दी गई थी, लेकिन निर्धारित समय पर पहुंचने पर क्लब के दोनों मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। अंदर लाइट जल रही थी, जबकि बाहर से प्रवेश का कोई रास्ता नहीं था।

मैदान में ही संपन्न किया कार्यक्रम

काफी देर तक इंतजार और क्लब प्रबंधन से संपर्क की कोशिश के बावजूद ताला नहीं खुला। इसके बाद विधायिका ने क्लब के मैदान में ही छोटे खिलाड़ियों के बीच मिठाई बांटकर विजया सम्मेलन संपन्न किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रिल के बीच से डंडा डालकर अंदर की लाइट जलाई गई थी।

तृणमूल और भाजपा के एक धड़े पर आरोप

मीडिया से बातचीत में रत्ना देबनाथ ने कहा कि क्लब के पदाधिकारियों ने एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनके कार्यक्रम की जानकारी सभी को थी। इसके बावजूद कथित तौर पर साजिश के तहत गेट पर ताला लगाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे तृणमूल के साथ भाजपा के एक धड़े के समर्थक भी शामिल हैं।

विधायिका ने बताया कि वार्ड नंबर-4 में तालाब भरने की शिकायत पर निरीक्षण के बाद तृणमूल के लोगों ने स्थानीय निवासियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया था। उनका दावा है कि क्लब में इस मामले को सुलझाने के लिए बैठक होनी थी, लेकिन इसके बजाय ताला लगा दिया गया।

थाने और पार्टी नेतृत्व को देंगी जानकारी

रत्ना देबनाथ ने कहा कि वह मामले की जानकारी खरदह थाने और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को देंगी। उन्होंने क्लब का ताला खुलवाने और मैदान के विकास की मांग भी की। घटना के बाद क्लब परिसर में हड़कंप मच गया।

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