टीटागढ़ टाटा गेट के पास मिट्टी का पहाड़

बीटी रोड पर फैल रही मिट्टी से यातायात और जलनिकासी प्रभावित होने की आशंका

टीटागढ़ टाटा गेट के पास मिट्टी का पहाड़
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सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर : उत्तर 24 परगना जिले के टीटागढ़ में टाटा गेट के पास बीटी रोड के किनारे मिट्टी का विशाल ढेर जमा होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सीईएससी और लुमटेक्स जूट मिल के गेट के पास सड़क किनारे बड़ी मात्रा में मिट्टी जमा है। स्थानीय स्तर पर शिकायत की जा रही है कि धीरे-धीरे यह मिट्टी सड़क पर फैल रही है। इसके कारण सड़क से गुजरने वाले वाहनों और राहगीरों को परेशानी होने की आशंका है। वहीं, सड़क किनारे स्थित नाले में भी मिट्टी गिरने से जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। इस मामले को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के बैरकपुर सांगठनिक जिला अध्यक्ष विशाल जायसवाल ने प्रशासन के एक वर्ग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी सड़क किनारे किसकी ओर से जमा की गई है और इसे यहां रखने की अनुमति किसने दी है। उनका कहना है कि सार्वजनिक सड़क के किनारे इस तरह मिट्टी का पहाड़ खड़ा होना कई सवाल पैदा करता है। इसके बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिट्टी कहां से लाई गई और इसे जमा करने के पीछे किसका हाथ है।


नगरपालिका प्रशासन ने जानकारी से किया इनकार

विशाल जायसवाल के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर नगरपालिका प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया गया कि उन्हें सड़क किनारे जमा मिट्टी के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद उन्होंने पुलिस और नगरपालिका प्रशासन के अधिकारियों से भी बातचीत कर मामले को उनके संज्ञान में लाने की कोशिश की। उनका सवाल है कि जब एक व्यस्त सड़क के किनारे इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी जमा की जा रही है, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है?

विधायक से भी की गई बातचीत

भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक से भी बातचीत की है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही सड़क पर फैल रही मिट्टी को तत्काल हटाने और नाले में जमा मिट्टी की सफाई कराने की जरूरत पर जोर दिया है। विशाल जायसवाल का कहना है कि सड़क किनारे इस तरह मिट्टी जमा रहने से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि बारिश के दौरान नाले में मिट्टी भरने से पानी की निकासी में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मिट्टी जमा करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था की पहचान कर उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस मामले में मिट्टी जमा करने वाले व्यक्ति या संस्था की पहचान स्पष्ट नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब नगरपालिका और पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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