चार जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू

जमीन चिन्हित करने का दिया निर्देश

चार जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए चार जिलों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलिम्पोंग, अलीपुरदुआर, उत्तर दिनाजपुर और पश्चिम बर्दवान में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है।

प्रारंभिक तैयारी शुरू

इनमें अलीपुरदुआर, दक्षिण दिनाजपुर (बालुरघाट) और पश्चिम बर्दवान में 100-100 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रारंभिक तैयारी शुरू हो चुकी है। वेस्ट बंगाल मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (WBMSCL) ने संबंधित जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों (CMOH) को आवश्यक भूमि की उपलब्धता संबंधी विस्तृत जानकारी भेजने का निर्देश दिया है। 18 जून को जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि मेडिकल कॉलेजों की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत हो चुका है।

NMC मानकों के अनुसार होगा निर्माण

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियमों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज, शिक्षण अस्पताल और छात्रावास एक ही परिसर या अधिकतम 10 किलोमीटर की दूरी के भीतर होने चाहिए। शिक्षण अस्पताल में कम से कम 420 बेड और औसतन 80 प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी अनिवार्य होगी। यदि जिला अस्पताल परिसर में पर्याप्त भूमि नहीं है, तो 10 किलोमीटर के भीतर लगभग 20 एकड़ सरकारी जमीन चिन्हित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग पाटीपुकुर टीबी अस्पताल के अधिग्रहण, IIT खड़गपुर परिसर स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में विकसित करने, नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 200 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रहा है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल को होगा लाभ

विभागीय सूत्रों के अनुसार भूमि संबंधी रिपोर्ट मिलने के बाद इंजीनियरिंग टीम निरीक्षण करेगी। परियोजनाओं के पूरा होने पर उत्तर और दक्षिण बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता और मेडिकल शिक्षा के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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