‘कुछ बातें बुरी लगीं, मैंने वही कहा’, अर्जुन सिंह पर कौस्तव बागची का बयान

नैहाटी में पत्नी के साथ बरमा मंदिर में पूजा करने पहुंचे बैरकपुर विधायक ने कहा—अपनी बात पर कायम रहूंगा मनीष शुक्ला हत्याकांड के आरोपितों के साथ भाजपा नेताओं की कथित नजदीकी पर विवाद, बैरकपुर में पार्टी के भीतर बयानबाजी तेज
‘कुछ बातें बुरी लगीं, मैंने वही कहा’, अर्जुन सिंह पर कौस्तव बागची का बयान
Published on: 

बैरकपुर : भाजपा के बैरकपुर विधायक कौस्तव बागची और राज्य मंत्री अर्जुन सिंह के बीच बयानबाजी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेताओं के साथ मनीष शुक्ला हत्याकांड के आरोपितों की कथित नजदीकी को लेकर सवाल उठाने वाले कौस्तव ने गुरुवार को फिर स्पष्ट किया कि वह अपनी कही बात से पीछे नहीं हटेंगे। नैहाटी स्थित बरमा मंदिर में पत्नी के साथ पूजा करने पहुंचे कौस्तव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुझे कुछ बातें बुरी लगती हैं, मैंने वही कहा है। जब आप एक परिवार में रहते हैं, तो कई ऐसी बातें होती हैं। लेकिन मैं फिर कह रहा हूं कि अपनी कही बात से पीछे नहीं हटूंगा। जब तक जिंदा रहूंगा, अपनी बात पर कायम रहूंगा।” कौस्तव ने अर्जुन सिंह को अपनी पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उनके साथ उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह उनके लिए वरिष्ठ और अभिभावक के समान हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मनीष शुक्ला हत्याकांड के आरोपितों के साथ भाजपा नेताओं की तस्वीरें सामने आने पर उन्हें आपत्ति है। विधायक ने दावा किया कि जिन लोगों के नाम मनीष शुक्ला के पिता ने हत्या के मामले में दर्ज कराए हैं, उनमें से कुछ को भाजपा नेताओं के साथ देखना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए असहज स्थिति पैदा करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मनीष शुक्ला की हत्या के मामले से जुड़े आरोपितों को भाजपा में शामिल नहीं किया जाएगा।

उत्तम दास के घर नेताओं के पहुंचने से बढ़ा विवाद

यह विवाद पिछले सोमवार को कौस्तव बागची की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ था। उस दौरान उन्होंने बैरकपुर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन उत्तम दास और टीटागढ़ नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन प्रशांत चौधरी का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया था कि मनीष शुक्ला हत्याकांड में नाम आने वाले लोगों को भाजपा नेताओं के साथ एक मंच पर देखना कितना उचित है। कौस्तव के मुताबिक, ये दोनों नेता भाजपा में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयान के बाद बैरकपुर में भाजपा के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे। कौस्तव की टिप्पणी के जवाब में बैरकपुर-2 मंडल के नेता संजय यादव ने कहा कि स्थानीय नेता क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं और बाहर से आकर उन्हें यह बताना स्वीकार्य नहीं होगा कि उन्हें किस तरह काम करना चाहिए। विवाद के बीच स्थानीय भाजपा नेताओं के उत्तम दास के घर पहुंचने से भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। भाजपा के बैरकपुर संगठनात्मक जिले के पूर्व अध्यक्ष अहिंद्रनाथ बसु ने कहा कि उत्तम दास के साथ उनके पुराने व्यक्तिगत संबंध हैं और दोनों ने माकपा के खिलाफ मिलकर संघर्ष किया था।

पार्टी के नाम पर मिली जीत, इसलिए आपत्ति भी

कौस्तव ने यह भी कहा कि उनकी जीत केवल व्यक्तिगत लोकप्रियता के कारण नहीं, बल्कि पार्टी के समर्थन से हुई है। ऐसे में यदि पार्टी का कोई कार्यकर्ता मनीष शुक्ला हत्याकांड से जुड़े आरोपितों के साथ मेलजोल बढ़ाता है या उन्हें सम्मान देता है, तो वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते। अहिंद्रनाथ बसु की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कौस्तव ने कहा कि उन्होंने जो कहा है, वह अपने विचारों के अनुरूप कहा है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मनीष शुक्ला की हत्या के मामले से जुड़े लोगों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने बैरकपुर में भाजपा की स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, हत्याकांड में किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News