

सन्मार्ग संवाददाता
मुर्शिदाबाद / कोलकाता : विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में सियासी पारा चरम पर है। इसी बीच, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुर्शिदाबाद के चुनावी दंगल में उतरकर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को सीधे चुनौती दी है। मुर्शिदाबाद जिले के मुसलमानों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि यहां मुर्शिदाबाद में गरीब मुसलमानों को केवल वोट बैंक तक सीमित रखा गया मगर अब ऐसा नहीं होगा। अगर मुर्शिदाबाद के लोगों को उनके हक और न्याय से वंचित रखा गया, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम पूरे कोलकाता में ‘चक्का जाम’ करेंगे। यह राज्य केवल कुछ चुनिंदा लोगों का नहीं, बल्कि सबका है। उल्लेखनीय है कि ओवैसी की पार्टी ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया है। अब अकेले चुनाव लड़ रही है। एक कथित विवादित वीडियो सामने आने के बाद ही ओवैसी की पार्टी ने गठबंधन तोड़ दिया था, ऐसे में ओवैसी का अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कितना असरदार होता है यह रिजल्ट आने के बाद ही पता चल पायेगा।
मुर्शिदाबाद में उद्योग की मांग
ओवैसी ने दावा किया कि सरकार विकास के सभी कार्यों को राज्य की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों तक ही सीमित रख रही है। एआईएमआईएम नेता ने कहा कि हल्दिया और खड़गपुर जैसी जगहों पर उद्योग और अन्य प्रतिष्ठान विकसित हुए हैं, लेकिन मुर्शिदाबाद में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) क्यों स्थापित नहीं किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते थे। ओवैसी ने कहा, "पश्चिम बंगाल में सारा विकास कोलकाता महानगर क्षेत्र या उसके पास की जगहों पर ही होता है।" ओवैसी ने वादा किया कि अगर रघुनाथगंज विधानसभा क्षेत्र से एआईएमआईएम उम्मीदवार इमरान सोलंकी विजयी होते हैं, तो वह मुर्शिदाबाद में उद्योगों की मांग को लेकर कोलकाता में 'चक्का जाम' करेंगे।