करप्शन एक्ट का मामला व एफआईआर क्यों नहीं

महिला पुलिस अफसर के बाबत हाई कोर्ट का सवाल
हाई कोर्ट की फाइल फोटो
हाई कोर्ट की फाइल फोटो
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस देवांशु बसाक और जस्टिस मो. शब्बार रसीदी के डिविजन बेंच ने सवाल किया है कि महिला पुलिस अफसर के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला क्यों नहीं दायर किया गया है। एफआईआर क्यों नहीं दर्ज करायी गई है। डिविजन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार की दलील है कि वह उसे बचा नहीं रही है, पर कार्रवाई भी तो नहीं कर रही है। तारकेश्वर थाने की इस महिला अफसर के खिलाफ रिश्वत देने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए बिल्टु हाजरा ने हाई कोर्ट में रिट दायर की है।

डिविजन बेंच ने इस मामले में सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा कि सोमवार को इस बाबत आदेश दिया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से दलील दी गई कि इस लापरवाही के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उसे सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच की जा रही है। जस्टिस बसाक ने कहा कि यह लापरवाही नहीं है। यह सीधे सीधे रिश्वत मांगे जाने का मामला है। उसकी वजह से पुलिस फोर्स बदनाम हुआ है और इसपर से जनता का भरोसा उठ गया है। जस्टिस बसाक ने शुक्रवार को सुनवायी के दौरान कहा कि राज्य सरकार को सोमवार को इस मामले में अपना स्टैंड स्पष्ट करना पड़ेगा। जस्टिस बसाक ने कहा कि राज्य सरकारी की तरफ से इस अफसर को कारण बताओ नोटिस दी गई है, पर इसमें रिश्वत मांगे जाने का आरोप नहीं है। डिविजन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को हल्के में लेने की कोशिश कर रही है। इस बाबत सोमवार को आदेश दिया जाएगा।

logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in