

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य में पहले चरण के चुनाव को लेकर नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। कुल 94 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया है, जिसके बाद 152 सीटों पर 1478 प्रत्याशी चुनावी मैदान में रह गए हैं। अब मुकाबला सीधे तौर पर मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।
चुनावी मुकाबला हुआ स्पष्ट
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अप्रैल थी, जबकि नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 94 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। इसके साथ ही अब कुल 1478 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। नामांकन वापसी के बाद कई सीटों पर सीधा मुकाबला स्पष्ट हो गया है, जिससे चुनावी समीकरण भी काफी हद तक तय हो गए हैं।
कई सीटों पर बहुकोणीय मुकाबले
हालांकि कुछ सीटों पर सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है, लेकिन कई विधानसभा क्षेत्रों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है। कूचबिहार साउथ और इटाहार जैसी सीटों पर सबसे ज्यादा 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे वहां मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यह स्थिति चुनाव को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना रही है।
सामने आया प्रत्याशियों का रुझान
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, नामांकन वापसी का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहा है। कुछ जिलों में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने नाम वापस लिये, जबकि कई जगहों पर लगभग सभी प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैं। खासतौर पर उत्तर बंगाल और जंगलमहल के क्षेत्रों में मुकाबला कड़ा माना जा रहा है।
कहां-कहां होगा चुनाव
पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 294 में से 152 सीटों पर वोटिंग कराई जाएगी। इस चरण में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, मालदह के साथ-साथ झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर और पश्चिम बर्दवान जैसे जिलों में मतदान होगा।
बढ़ता चुनावी तापमान
पहले चरण में कई प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है और सभी दल पूरे जोर-शोर से प्रचार में जुट गए हैं।