

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को कालीघाट से एक अहम वर्चुअल बैठक कर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और काउंटिंग एजेंटों को स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी “2021 से भी बड़ी जीत” की ओर बढ़ रही है। बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी मौजूद थे।
बैठक की शुरुआत में ममता बनर्जी ने “समझौता न करने वाली लड़ाई” के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने केंद्रीय बलों पर तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर “अत्याचार” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्होंने यह सब सहा है, पार्टी उन्हें उचित सम्मान और पुरस्कार देगी।
अभिषेक बनर्जी ने एक्जिट पोल को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस 200 से अधिक सीटों के साथ सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा, “2021 की तुलना में इस बार टीएमसी और ज्यादा सीटें जीतेगी। एक्जिट पोल केवल शेयर बाजार को प्रभावित करने की साजिश है। भाजपा खुद भी इन आंकड़ों पर भरोसा नहीं करती।”
उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्रीय बलों का इस्तेमाल कर मतदाताओं को डराने की कोशिश की। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप भी लगाए। अभिषेक ने कहा, “ग्राउंड जीरो पर लड़ाई तृणमूल और केंद्रीय बलों के बीच थी।” उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष संस्था के बजाय भाजपा के पक्ष में काम किया।
बैठक में अभिषेक ने काउंटिंग एजेंटों को निर्देश दिया कि किसी भी राउंड में भाजपा मामूली बढ़त ले तो तुरंत पुनर्गणना की मांग करें। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जिन पर्यवेक्षकों ने “असंवैधानिक” तरीके से काम किया है, उनके खिलाफ तृणमूल कानूनी कार्रवाई करेगी। ममता बनर्जी ने एजेंटों को सुबह 5 बजे तक मतगणना केंद्र पहुंचने, हर राउंड का रिकॉर्ड डायरी में नोट करने और मतगणना पूरी होने तक केंद्र नहीं छोड़ने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने एजेंटों को हल्का भोजन करने, केवल घर का पानी पीने और मतगणना के दिन पान, बीड़ी व सिगरेट से दूर रहने की सलाह भी दी।