

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य में गुरुवार को होने वाले पहले चरण के मतदान को लेकर चुनावी तैयारियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। 44,376 बूथों पर मतदान कराया जाएगा, जिनमें से करीब 9,000 से 10,000 बूथों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, वहीं लगभग 5 लाख चुनाव कर्मी इस पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने में जुटे हैं।
44 हजार से ज्यादा बूथों पर डाले जाएंगे वोट
पहले चरण में कुल 44,376 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने हर बूथ पर बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
10 हजार बूथ अति संवेदनशील घोषित
राज्य भर में करीब 15,000 बूथों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है, जिनमें से पहले चरण में 9,000 से 10,000 बूथ अति संवेदनशील माने जा रहे हैं। इन बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
पहले चरण के मतदान को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों को तैनात किया गया है। संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसा को रोका जा सके।
5 लाख चुनाव कर्मी संभालेंगे मोर्चा
चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लगभग 5 लाख चुनाव कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें पोलिंग ऑफिसर, सुरक्षा कर्मी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं, जो मतदान की हर प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
ट्रिब्यूनल मामलों का निपटारा और मतदाता सूची अपडेट
चुनावी तैयारियों के तहत ट्रिब्यूनल ने कुछ मामलों का निपटारा किया है। वहीं मतदाता सूची में 139 नये नाम जोड़े गए हैं और 8 नाम हटाए गए हैं, जिससे सूची को और अधिक सटीक बनाया गया है।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान पर जोर
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराया जाएगा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यह पूरी तैयारी इस बात का संकेत है कि पहले चरण का मतदान कड़ी सुरक्षा और व्यापक व्यवस्थाओं के बीच संपन्न कराया जाएगा, ताकि लोकतंत्र का यह पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।