

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण से पहले सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर Election Commission of India ने बड़े स्तर पर हाईटेक निगरानी सिस्टम लागू किया है। हर बूथ पर दो कैमरे लगाने और एक साथ 500 बूथों की लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
हर बूथ पर दो कैमरों की व्यवस्था
हर मतदान केंद्र के अंदर और बाहर एक-एक कैमरा लगाया जाएगा। अंदर का कैमरा मतदान प्रक्रिया और एजेंट्स की गतिविधियों पर नजर रखेगा, जबकि बाहर का कैमरा भीड़ और व्यवस्था पर निगरानी करेगा।
गोपनीयता से कोई समझौता नहीं
आयोग ने स्पष्ट किया है कि कैमरे EVM या वोटर की पसंद को रिकॉर्ड नहीं करेंगे, जिससे मतदान की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
500 बूथों पर एक साथ निगरानी
कंट्रोल रूम में माइक्रो ऑब्जर्वर 72 स्क्रीन के जरिए एक साथ 500 बूथों की निगरानी करेंगे, जिससे किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
AI और क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम
पहली बार AI तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। कंट्रोल रूम से तुरंत सेक्टर ऑफिसर, पुलिस और ऑब्जर्वर को अलर्ट भेजा जाएगा, ताकि मिनटों में हालात काबू किए जा सकें।
बूथ कैप्चरिंग रोकने पर फोकस
प्रशासन का मानना है कि यह डबल सर्विलांस सिस्टम फर्जी वोटिंग और बूथ कब्जा जैसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा। 23 तारीख को पहले चरण के मतदान में इसकी प्रभावशीलता पर सबकी नजर रहेगी।