बंगाल में चुनाव आयोग ने बढ़ाई केंद्रीय बलों की ताकत

बंगाल में चुनाव आयोग ने बढ़ाई केंद्रीय बलों की ताकत

जिलों में CAPF के साथ किया समन्वय अभ्यास सुरक्षा पर किया फोकस
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न जिलों में केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस के साथ संयुक्त ब्रीफिंग, प्रशिक्षण और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स (CBM) चलाए जा रहे हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाया जा सके। यह जानकारी Chief Electoral Officer West Bengal के कार्यालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।

की संयुक्त ब्रीफिंग

राज्य के कई जिलों में केंद्रीय बलों को स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय के लिए विशेष ब्रीफिंग दी जा रही है।

पूर्व बर्दवान जिले में CAPF, जिला पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ संयुक्त ब्रीफिंग और ट्रेनिंग आयोजित की गई।

उत्तर चौबीस परगना और पश्चिम बर्दवान में भी केंद्रीय बलों द्वारा कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स (CBM) के तहत विभिन्न गतिविधियां की गईं।

बांकुड़ा जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने CAPF के साथ संयुक्त ब्रीफिंग कर चुनाव संबंधी दिशा-निर्देश दिए।

सीमावर्ती जिलों में भी सुरक्षा तैयारियां

सीमावर्ती जिलों में भी केंद्रीय बलों की तैनाती और समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अलीपुरदुआर में DEO और SP ने सभी CAPF कंपनियों के साथ संयुक्त ब्रीफिंग कर चुनाव ड्यूटी से जुड़े निर्देश साझा किए। इसके अलावा कूच बिहार और दक्षिण दिनाजपुर में भी केंद्रीय बलों की सक्रियता बढ़ाई गई है।

2146 चुनाव अधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण

इसी बीच पश्चिं बंगाल के CEO की ओर से चुनाव प्रबंधन को लेकर बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, CEO ने आज DEO, ADM, RO, ARO, SLMT और ALMT समेत कुल लगभग 2146 अधिकारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण में विधानसभा चुनाव से जुड़े प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।

चुनाव से पहले समन्वय पर आयोग का जोर

चुनाव आयोग की रणनीति के तहत केंद्रीय बलों, जिला प्रशासन और राज्य पुलिस के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए लगातार ब्रीफिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोग का मानना है कि इन तैयारियों से चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से कराई जा सकेगी।

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