सबरीमाला सोना विवाद को लेकर विधानसभा में जुबानी जंग

तंत्री की गिरफ्तारी पर सरकार-विपक्ष में तीखी बहस, सदन की कार्यवाही स्थगित
सबरीमाला सोना विवाद को लेकर विधानसभा में जुबानी जंग
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तिरुवनंतपुरम : केरल विधानसभा में सोमवार को संक्षिप्त विराम के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो शबरिमला सोना चोरी मामले और तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदारारु राजीवरु की गिरफ्तारी के मुद्दे पर सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

यूडीएफ ने बाद में कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन से बहिर्गमन किया, जिसके बाद अध्यक्ष ए.एन. शमसीर ने कार्यवाही को संक्षिप्त करते हुए सत्र को दिन के लिए स्थगित कर दिया। प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस नीत विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष शमशीर को सूचित किया कि वे सोना चोरी मामले और महिलाओं के प्रवेश संबंधी विषय सहित शबरिमला से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार के रुख के विरोध में सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे। देवस्वओम मंत्री वी.एन. वासवन के इस्तीफे की मांग करते हुए यूडीएफ सदस्यों ने आसन के समीप नारेबाजी की और तख्तियां लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन की अनुपस्थिति में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक के. बाबू ने सदन में विपक्ष का पक्ष रखा। उन्होंने आरोपियों को जमानत दिए जाने का मुद्दा उठाया और बिना किसी ठोस साक्ष्य के तंत्री की गिरफ्तारी को लेकर सरकार की आलोचना की। बाबू ने 2018 में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया, ‘‘तंत्री को 40 दिन जेल में रखा गया, क्योंकि उन्होंने शबरिमला में रीति-रिवाजों के उल्लंघन करने के सरकारी रुख का विरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कथित अनियमितताएं त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड द्वारा सरकार के समर्थन से आयोजित ‘ग्लोबल अय्यप्पा संगमम’ में हुईं।

तृप्पूणितुरा से विधायक ने हाल में उच्चतम न्यायालय द्वारा महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर फिर सुनवाई किए जाने के दौरान सरकार पर “संदिग्ध रुख” अपनाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, कानून मंत्री पी. राजीव और संसदीय कार्य मंत्री एम.बी. राजेश ने यूडीएफ के आरोपों को खारिज किया। राजीव ने कहा कि विपक्ष की टिप्पणियां उच्च न्यायालय के उस निष्कर्ष के विपरीत हैं, जिसमें कहा गया है कि शबरिमला सोना चोरी मामले में विशेष जांच दल की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट रुख के बावजूद विपक्ष आंदोलन जारी रखे हुए है, जिससे यह विरोध राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित लगता है।

अयोध्या मंदिर मामले का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा के लिए हिंदुत्व और मंदिर राजनीति का रास्ता तैयार किया। उन्होंने कहा कि दोनों दल अब एक जैसी राजनीति करते हैं, जो केरल की धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा है। मंत्री राजेश ने भी तंत्री के समर्थन को लेकर यूडीएफ की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्य पुजारी को मामले में अन्य आरोपियों से अधिक विशेषाधिकार प्राप्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष शबरिमला तंत्री के नाम पर फिर से सड़क पर आंदोलन करने का मौका तलाश रहा है।

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