

नई दिल्ली : केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को गायन को रोकने पर सख्ती बरतने की तैयारी में है। नरेंद्र मोदी सरकार संसद के मॉनसून सत्र में एक बिल पेश करने वाली है। इस बिल में राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकने वाले को तीन साल तक सजा का प्रावधान होगा। राष्ट्रगीत में भी राष्ट्रगान जन-गण-मन की तरह ही तीन साल की सजा का प्रावधान है।
गृह मंत्री राज्यसभा में पेश करेंगे विधेयक
इस विधेयक के मुताबिक, जो कोई भी जानबूझकर राष्ट्रगान या राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकता है या उसमें बाधा डालता है, या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में अशांति पैदा करता है, उसे एक ऐसी अवधि के लिए कारावास की सजा दी जाएगी जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। यह कैबिनेट में हाल में पारित किया गया है। इसे गृहमंत्री अमित शाह राज्यसभा में पेश करेंगे। इससे पहले मोदी सरकार सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर चुकी है।
कई विधेयक सूचीबद्ध
गौरतलब है कि सरकार ने मॉनसून सत्र के लिए कई विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। सरकार ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन करने संबंधी एक विधेयक को लोकसभा में सूचीबद्ध किया है। इसके अलावा सरकार ने लोकसभा में पेश किए जाने के लिए एक ऐसे विधेयक को भी सूचीबद्ध किया है, जिसका उद्देश्य भारत के संप्रभु ऋण बाजार को और मजबूत बनाना है, ताकि स्थिर वैश्विक पूंजी प्रवाह को आकर्षित किया जा सके। सरकार ने मॉनसून सत्र में जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी के विरुद्ध कठोर प्रावधान करने वाला संशोधन विधेयक लोकसभा की कार्यसूची में लिस्ट किया है। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन से संबंधित एक विधेयक को भी लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।