

इस्लामाबाद : पाकिस्तान शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहा है, जिसका मकसद दो सप्ताह के युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को रोकना है।
अमेरिका और ईरान बुधवार को सशर्त दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच मतभेदों को दूर कर स्थायी शांति का रास्ता निकालने के लिए इस्लामाबाद में अहम बैठक आयोजित की जा रही है। दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल के बृहस्पतिवार रात तक इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है।
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघादम ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इजराइल द्वारा कथित युद्धविराम उल्लंघन के कारण शांति वार्ता को लेकर ईरान में कुछ संशय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर चर्चा के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहा है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का मुख्य फोकस प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर व्यापक शांति रूपरेखा तैयार करना होगा।
वार्ता से पहले पाकिस्तान ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत नैटली बेकर को सभी विदेशी मेहमानों की अभेद्य सुरक्षा का आश्वासन दिया है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए 30 सदस्यीय अमेरिकी टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।
इस अहम बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसकी सफलता पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दूरगामी असर डाल सकती है।