

नई दिल्ली: नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर लोकसभा में मंगलवार को एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन में नारेबाजी की। हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के महज पांच मिनट बाद ही लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सबसे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। इसके बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराने की कोशिश हुई, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग उठाई। विपक्षी सदस्य "गृह मंत्री जवाब दो" के नारे लगाते हुए वेल की ओर बढ़ गए।
लगातार शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे मुद्दा कितना भी बड़ा क्यों न हो, प्रश्नकाल बाधित नहीं होना चाहिए और विरोध प्रश्नकाल के बाद भी किया जा सकता है।
बिरला ने सदन को बताया कि सरकार और विपक्ष के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि दोपहर 2 बजे से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू की जाएगी। उन्होंने सभी दलों से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक चर्चा में भाग लेने और अपने विचार रखने की अपील की।
यह विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया गया था। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। हालांकि, लगातार जारी गतिरोध के कारण इस पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी थी।
उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है। नीट प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण अब तक लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल पाई है।