मोदी सरकार में विदेश नीति ‘जगहंसाई’ का विषय बनी: राहुल

विदेश नीति पर सियासी वार: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला
मोदी सरकार में विदेश नीति ‘जगहंसाई’ का विषय बनी: राहुल
Published on

नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी ने देश की विदेश नीति को अपनी “निजी विदेश नीति” बना दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “जगहंसाई” हो रही है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विदेश नीति का स्वरूप अब व्यक्तिगत हो गया है और इसके नतीजे साफ दिख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दुनिया के कई नेता, यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति, यह समझते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।

उन्होंने प्रधानमंत्री पर “कमजोर” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि नेतृत्व कमजोर होगा तो विदेश नीति भी कमजोर होगी। राहुल गांधी के अनुसार, भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत और स्वतंत्र रुख दिखाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का हालिया भाषण “गैर-प्रासंगिक” था और उसमें भारत के प्रधानमंत्री की गंभीरता और दृष्टि का अभाव दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसले देश और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नहीं लिए जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि आने वाले समय में एलपीजी और पेट्रोल को लेकर समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए और कहा कि उस समय हुई त्रासदी को नजरअंदाज किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों में ढांचागत खामियां हैं और विदेश नीति सहित कई क्षेत्रों में निर्णय स्वतंत्र रूप से नहीं लिए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत की नीति पर अमेरिका और इजराइल का प्रभाव दिखाई देता है।

इन बयानों के जरिए राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार की विदेश और घरेलू नीतियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं, जिससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in