सरकारी आईटी पार्क में सालों से चल रहा था कॉल सेंटर, अब दो पुलिस अफसरों को शोकॉज

डीडी ने संभाली जांच, विभागीय जांच शुरू; मुख्य आरोपी जेल में, दूसरे सरगना की तलाश जारी
सरकारी आईटी पार्क में सालों से चल रहा था कॉल सेंटर, अब दो पुलिस अफसरों को शोकॉज
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सिलीगुड़ी : माटीगाड़ा के सरकारी वेबेल आईटी पार्क में कथित अवैध कॉल सेंटर के खुलासे के बाद अब पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच अब माटीगाड़ा थाने के बजाय सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट की डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) कर रही है। वहीं, मामले में दो पुलिस अधिकारियों को शोकॉज किया गया है। पुलिस कमिश्नर सैयद वकार रजा ने विभागीय जांच शुरू होने की पुष्टि की है।जानकारी के अनुसार, वेबेल आईटी पार्क में कथित तौर पर यह कॉल सेंटर पिछले कई वर्षों से चल रहा था। आरोप है कि यहां से फोन के जरिए लोगों को लालच और डर दिखाकर पैसे ऐंठे जाते थे। इससे पहले भी 2017 और 2022 में इलाके के कॉल सेंटरों पर पुलिस कार्रवाई कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद दोबारा इसी तरह का नेटवर्क सामने आने से स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। इनमें अधिकांश को जमानत मिल चुकी है। फिलहाल कथित मुख्य आरोपी सैकत सिन्हा राय समेत तीन लोग जेल में हैं। पुलिस के मुताबिक, एक अन्य कथित प्रमुख आरोपी राजीव थापा की तलाश जारी है। डीडी अब पूरे नेटवर्क में उसकी भूमिका और अन्य जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।इससे पहले संयुक्त अभियान में पुलिस और एसटीएफ ने आईटी पार्क में छापेमारी कर कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और सिम कार्ड समेत कई सामान जब्त किए थे। सैकत सिन्हा राय को बाद में कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर कोलकाता से नेटवर्क संचालित कर रहा था।अब जांच का अहम बिंदु यही है कि सरकारी आईटी पार्क में कथित तौर पर लंबे समय से चल रहे इस नेटवर्क की स्थानीय स्तर पर निगरानी कैसे हुई और इसकी भनक पहले क्यों नहीं लगी। डीडी की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

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