

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य ऋचा घोष का नाम 28 फरवरी को जारी मतदाता सूची में ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है। इससे तृणमूल कांग्रेस ने सवाल उठाया है और निर्वाचन आयोग पर “गुपचुप तरीके से धांधली” करने का आरोप लगाया है। ऋचा घोष सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 19 की निवासी हैं। ऋचा घोष हाल ही में पश्चिम बंगाल पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के रूप में शामिल हुईं और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त कार्यालय में उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। तृणमूल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भाजपा और निर्वाचन आयोग की “गुपचुप तरीके से धांधली” का नाटक हास्यास्पद ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।”
पार्टी ने पोस्ट में कहा, “बंगाल का गौरव, भारत की नायिका, विश्व कप विजेता टीम की खिलाड़ी और नीली जर्सी पहनकर देश को गौरव दिलाने वाली विकेटकीपर-बल्लेबाज को अब अंतिम मतदाता सूची में ‘जांच के दायरे’ में रखा गया है।’’ तृणमूल ने कहा कि घोष ने विदेशों में भारत का उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व किया और बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति की प्रशंसा हासिल की। पार्टी ने कहा कि ‘उन्हें (ऋचा घोष को) इस अपमानजनक जांच का सामना करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, उनका नाम चिह्नित किया गया है, उनकी मतदाता स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इस मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में उनका लोकतांत्रिक अधिकार खतरे में है’।
तृणमूल ने कहा, “जब मशहूर और राष्ट्रीय हस्तियों को भी मनमाने ढंग से निशाना बनाया जा सकता है, उनसे पूछताछ की जा सकती है और उन्हें इस अपमानजनक प्रक्रिया का शिकार बनाया जा सकता है, तो आम मतदाता के लिए क्या उम्मीद है?” पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मद्देनजर घोष जैसी प्रमुख हस्तियों और आम आदमी को एक ही श्रेणी में रखे जाने की तुलना करते हुए यह सवाल उठाया। तृणमूल ने कहा, “यह बंगाल के लोगों को मताधिकार से वंचित करने, उनकी आवाज दबाने और एक-एक कर बंगाल की आवाज को मिटाने के लिए रची गई एक सुनियोजित अपमानजनक प्रक्रिया है।”