

सन्मार्ग संवाददाता
बारासात: बारासात अंचल के शासन थाना क्षेत्र में भारी बारिश ने एक दर्दनाक हादसा कर दिया, जिसमें एक वीआरपी (विलेज रिसोर्स पर्सन) कर्मी की जान चली गई। मृतक की पहचान तेहाटा गांव के निवासी मीराजुल अली के रूप में हुई है, जिनकी मौत बिजली का करंट लगने से हुई। यह दुखद घटना तब हुई जब मीराजुल गांव में जमा हुए बारिश के पानी को साफ कर रहे थे।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सोमवार रात से इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिसके कारण तेहाटा गांव की कई गलियों और रास्तों पर भारी जलजमाव हो गया था। मीराजुल अली, जो एक वीआरपी कर्मी के तौर पर सामुदायिक सेवा से जुड़े थे, अपने गांव की साफ-सफाई में लगे हुए थे। मंगलवार सुबह वह एक बांस की छड़ी का इस्तेमाल कर जमा हुए पानी को निकालने की कोशिश कर रहे थे, ताकि गांव के लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।
साफ-सफाई के दौरान मीराजुल को यह अंदाजा नहीं था कि पास से गुजर रहा बिजली का तार नीचे लटक रहा है और पानी में डूबा हुआ है। जैसे ही वह पानी को साफ करने में लगे हुए थे, वह अचानक 11,000 वोल्ट के बिजली के तार के संपर्क में आ गए। उन्हें करंट का एक जोरदार झटका लगा और वह मौके पर ही गिर पड़े। यह देखकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और उन्हें बचाने की कोशिश की।
आनन-फानन में मीराजुल को नजदीकी बारासात मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मीराजुल की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि मीराजुल एक मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे, जो हमेशा अपने गांव की भलाई के लिए काम करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। यह घटना भारी बारिश के दौरान बिजली के तारों की उचित देखरेख न होने पर भी सवाल खड़े करती है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।