केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी राजनीतिक संकट शुक्रवार को उस समय और गहरा गया, जब पार्टी के 19 सांसदों के कथित हस्ताक्षर वाला एक पत्र सामने आया। वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग संसदीय गुट को मान्यता देने तथा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की मांग की गई है। हालांकि, पत्र और हस्ताक्षरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बागी सांसदों के नाम आए सामने
वायरल दस्तावेज के अनुसार, बागी खेमे में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया और असित मल सहित 19 सांसद शामिल हैं। एक बागी सांसद ने दावा किया कि यह सूची वास्तविक है और कुछ अन्य सांसद भी उनके साथ जुड़ सकते हैं। लोकसभा में TMC के कुल 28 सांसद हैं। यदि 19 सांसदों के समर्थन का दावा सही साबित होता है, तो यह संख्या दलबदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक दो-तिहाई सीमा से अधिक होगी। ऐसी स्थिति में बागी गुट को कानूनी संरक्षण मिलने की संभावना बन सकती है।
विधानसभा से संसद तक फैला संकट
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए विद्रोह के बाद सामने आया है, जहां बड़ी संख्या में विधायकों ने पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग रुख अपनाया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठनात्मक असंतोष अब पार्टी के विभिन्न स्तरों तक फैल चुका है।
सोमवार को स्पीकर से होगी मुलाकात
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने कहा कि उनका समूह सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेगा और स्वयं को ‘वास्तविक TMC’ बताते हुए अलग संसदीय पहचान की मांग करेगा। वायरल दस्तावेजों को लेकर TMC नेतृत्व ने भी सवाल उठाए हैं। विधायक कुणाल घोष ने मांग की है कि इन हस्ताक्षरों का मिलान लोकसभा सचिवालय में जमा नमूना हस्ताक्षरों से कराया जाए, ताकि उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके।