महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं प्रधानमंत्री, जनता करारा जवाब देगी: कांग्रेस

जयराम रमेश का आरोप— 30 महीने बाद जागी मोदी सरकार, पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा को मिलेगा जवाब
महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं प्रधानमंत्री, जनता करारा जवाब देगी: कांग्रेस
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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है और कहा है कि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनाव में जनता भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देगी।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिला आरक्षण के मुद्दे पर 30 महीने बाद जागे हैं और अपने पहले के रुख से पलटी मार ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब इसे चुनावी मुद्दा बनाकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

असम में चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के आम चुनाव से लागू किया जाएगा और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने सभी दलों से समर्थन की अपील भी की थी।

प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है और कांग्रेस ने इसकी मांग की थी कि इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जाए।

रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने उस समय परिसीमन और जनगणना की शर्त जोड़ दी थी, जिसके कारण महिला आरक्षण लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक संकट से ध्यान हटाने और पांच राज्यों के मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सरकार अनुच्छेद 334-ए में संशोधन की बात कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर यू-टर्न लिया है और जनता आगामी चुनाव में भाजपा को निर्णायक रूप से नकार देगी।

सूत्रों के अनुसार, संसद का बजट सत्र 16 अप्रैल को अवकाश के बाद फिर शुरू होगा, जिसमें महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने से जुड़े विधेयक लाने की योजना है।

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