सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि की आंच सरकारी संस्थानों तक भी पहुंचा

विधानसभा की कैंटीन पर भी असर
सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि की आंच सरकारी संस्थानों तक भी पहुंचा
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : युद्ध की स्थिति के कारण एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि का असर अब सरकारी संस्थानों तक पहुंचने लगा है। विधायकों के कैंटीन पर भी असर पड़ता जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा की कैंटीन में भी असर आने लगा है। इसे लेकर स्पीकर विमान बनर्जी ने कहा कि गैस की किल्लत के कारण विधानसभा की कैंटीन चलाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि सिर्फ विधानसभा की कैंटीन ही नहीं, बल्कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चल रही मां कैंटीन को भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन कैंटीनों का उद्देश्य कम कीमत पर आम लोगों को भोजन उपलब्ध कराना है, लेकिन गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण इन्हें चलाना मुश्किल होता जा रहा है। स्पीकर ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अचानक गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रसोई गैस की महंगाई का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी पड़ रहा है। ऐसे में सरकार के सामने इन योजनाओं को सुचारू रूप से जारी रखना एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

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