

सनमार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद एसआईआर अब एक ‘‘बंद अध्याय’’ बन चुका है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्वाचन आयोग राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव निष्पक्ष रूप से करायेगा। बोस ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का अध्याय समाप्त हो चुका है। यदि इस प्रक्रिया के संचालन में कोई खामी पाई जाती है, तो निश्चित रूप से उसे संतुलित तरीके से दूर किया जायेगा।’’ उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राज्यों को स्पष्ट कर दिया था कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद में किसी को भी बाधा डालने की अनुमति नहीं देगा।विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने उम्मीद व्यक्त की कि निर्वाचन आयोग अपनी जिम्मेदारी निष्पक्ष और सकारात्मक रूप से निभायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि बंगाल में चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।’’ राज्यपाल ने चुनावी प्रक्रिया और इसे संचालित करने के लिए जिम्मेदार संस्थानों में जनता के भरोसे को बनाये रखने के महत्व पर जोर दिया।
मोक्ष का मार्ग है गंगा : राज्यपाल
त्रिवेणी कुंभ मेले के दूसरे दिन राज्यपाल सीवी आनंद बोस कुंभ मेले में पहुंचे। वे खुली हुड जीप पर बैठकर सप्तर्षि घाट के निकट पहुंचे और पैदल तट पर जाकर गंगा पूजन किया। इस दौरान कुंभ मेले के मुख्य आयोजक कंचन बनर्जी अपनी धर्मपत्नी के साथ मौजूद थे। वहां से वे रिफ्यूजी शिविर साधु अखाड़े पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। फिर उन्होंने शिवपुर मैदान में पूजा अर्चना कर रुद्राभिषेक किया। उन्होंने कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं बल्कि मोक्ष का मार्ग है। बंगीय कुंभ परिचालन समिति की ओर से मंच पर राज्यपाल का अभिनंदन किया गया। महाराष्ट्र के पुणे में बंगाली श्रमिक की मौत और बांग्ला बोलने पर हत्या के आरोप पर राज्यपाल ने कहा कि कोई भी मौत बेहद दुखद घटना है। इसकी जांच होनी चाहिए। जांच एजेंसी सही जांच करेगी। वंदे मातरम को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने जो नीति अपनायी है उसका सभी को पालन करना चाहिए।