हाई कोर्ट के आदेश पर पूरा हुआ मतदान का सपना

उन्हें सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें : जस्टिस सरकार
हाई कोर्ट के आदेश पर पूरा हुआ मतदान का सपना
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जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : यह 175 वर्षीय महिला की कहानी है। उम्र के इस मुकाम पर बहुत सी बीमारियों ने उन्हें जकड़ लिया है, दिल का दौरा भी पड़ चुका है, पर मतदान करने का जज्बा उनके अंदर आज भी ऐसा ही है जैसा पहली बार मतदान करने के समय था। उनका नाम आरती सेनगुप्ता है। पोस्टल बैलट या घर से मतदान करने की सुविधा नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर किया था। जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता ने आदेश दिया है कि उन्हें मतदान करने की सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें। आरती सेनगुप्ता टॉलीगंज की मतदाता हैं और उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। उन्होंने स्थानीय बीएलओ से अनुरोध किया था कि उन्हें पोस्टल बैलट या घर से मतदान करने की सुविधा उपलब्ध करायी जाये। बीएलओ यह सुविधा उपलब्ध कराने में नाकाम रहा। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया को उसने पूरा नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में मामला दायर किया था। जस्टिस कृष्णा राव ने उनके मामले को खारिज कर दिया। जस्टिस राव की दलील थी कि पिटीशनर ने देर से मामला दायर किया है, इस दौरान पोस्टल बैलट और घर से मतदान करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस आधार पर पिटीशन खारिज किया जाता है। इसके खिलाफ उन्होंने जस्टिस सरकार की डिविजन बेंच में अपील दायर की थी। जस्टिस सरकार ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मतदान कराना चुनाव आयोग की विशेष जिम्मेदारी है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए जिनकी उम्र 75 साल है उन्हें मतदान केंद्र में व्हीलचेयर सहित सारी सुविधाएं उपलब्ध कराना चुनाव आयोग का दायित्व है। चुनाव आयोग की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट अनामिका पांडे ने कहा कि उन्हें मतदान करने की सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। मतदान करने में उन्हें मदद करने के लिए उनके साथ कृष्ण दे जाएंगी और उनका मोबाइल नंबर भी बूथ के प्रिसाइडिंग अफसर को दे दिया गया है।

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