

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर तनाव तेज हो गया है। बांग्लादेश ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों को जबरन सीमा के अंदर धकेल रहा है। इन आरोपों के बीच दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता होने जा रही है। इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
नई दिल्ली में 8 जून को भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड (BGB) के बीच डायरेक्टर जनरल स्तर की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में अवैध घुसपैठ, सीमा पर होने वाली हिंसा और सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
ढाका में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि उनकी सीमा सुरक्षा बल (BGB) पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ या सीमा पार करने की कोशिश को सख्ती से रोका जाएगा।
गृह मंत्री ने बताया कि बांग्लादेश सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। साथ ही जुआ और संगठित अपराध से निपटने के लिए कानूनों को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार ऑपरेशन चला रही हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।
सलाहुद्दीन अहमद ने यह भी कहा कि पुलिस ने हाल के कई जटिल मामलों में तेजी से कार्रवाई की है। खासतौर पर आठ वर्षीय बच्ची रमीसा के दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया, जिसे उन्होंने न्याय व्यवस्था के लिए एक अहम उपलब्धि बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्चस्तरीय बैठक से सीमा पर जारी तनाव को कम करने और आपसी सहयोग को मजबूत करने का रास्ता निकल सकता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।