

सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : नागपंचमी के अवसर पर जिले के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर कोन्नगर राजराजेश्वरी सेवा मठ के प्रभारी सच्चित स्वरूप महराज ने बताया कि हिंदू धर्म में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी मनायी जाती है। नागों को समर्पित यह तिथि हिंदू धर्मग्रंथों में वर्णित है। उन्होंने कहा कि मानव शरीर में सर्प रीढ़ की हड्डी है जो सर्पाकार होती है जो सिर से जुड़ी होती है। मंदिर में रुद्राभिषेक पूजा के अवसर पर यजमान चंद्रकांत खेमका, दीपा खेमका, इन्दु कोठारी, पूनम अग्रवाल सहित अन्य भक्तगण मौजूद रहे। इस अवसर पर उपप्रभारी श्रीधर द्विवेदी ने बताया कि इस दिन लोग नाग देवता की पूजा कर उनसे रक्षा की कामना करते हैं। सर्प को दूध और जल पिलाते हैं। नागपंचमी का संदेश सभी जीवों के प्रति करुणा और सहअस्तित्व की भावना होना चाहिए। इस अवसर पर बांसबेड़िया, चांपदानी, रिसड़ा, मोगरा सहित अन्य इलाके के मंदिरों में भी भीड़ देखी गई।