

कोलकाता पुलिस ने विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले शहर के सात संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह के जमावड़े पर रोक लगा दी है। यह फैसला देर रात हुए हंगामे के बाद लिया गया, जब तृणमूल कांग्रेस ने काउंटिंग सेंटर्स पर संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगाए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
इन इलाकों में लागू हुआ प्रतिबंध
पुलिस ने साहिद खुदीराम बोस रोड, जजेस कोर्ट रोड, जादवपुर, डायमंड हार्बर रोड, लॉर्ड सिन्हा हॉल, नरेश मित्रा सरणी (बेलतला रोड) और प्रमथेश बरुआ सरणी में धारा लागू कर भीड़ जुटने पर रोक लगा दी है।
नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर टकराव
नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर बीजेपी और TMC कार्यकर्ताओं के बीच आमना-सामना हुआ। TMC नेता कुणाल घोष और शशि पांजा ने काउंटिंग सेंटर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों ने जमकर नारेबाजी की। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शाखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के पास पहुंचीं।
चुनाव अधिकारी का जवाब
अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र में रखी EVM मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम उम्मीदवारों और एजेंटों की मौजूदगी में सील किए गए थे।उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलेट्स की छंटाई बिजली कनेक्शन की सीमाओं के कारण टॉर्च की रोशनी में की जा रही थी, जिसे TMC नेताओं ने “संदिग्ध गतिविधि” समझ लिया। चुनाव अधिकारी के स्पष्टीकरण के बाद TMC नेताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया