ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कपिलमुनि आश्रम को कटाव से बचाने के लिए विशेष पहल

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कपिलमुनि आश्रम को कटाव से बचाने के लिए विशेष पहल
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य के सिंचाई एवं जलपथ विभाग ने अपने अधीन महत्वपूर्ण कार्यों की गुरुवार को समीक्षा की। मंत्री डॉ. मानस रंजन भुइयां और विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. कृष्णा गुप्ता के नेतृत्व में हुई समीक्षा बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेन्स कर बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। इनमें उत्तर बंगाल के चार जिलों में ड्रेजिंग और वृक्षारोपण कार्य शुरू करने से लेकर अगले सप्ताह होने जा रहे विदेशी संस्थान के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करने के साथ अन्य कई निर्णय शामिल है। मंत्री ने बताया कि सागर द्वीप स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कपिलमुनि मंदिर व आश्रम को कटाव से बचाने के लिए विशेष पहल की गयी है। आश्रम की सुरक्षा के लिए ‘सैंड नॉरिशमेंट’ (रेत पोषण) और कटाव रोधी उपाय अपनाए जा रहे हैं। तटीय संरक्षण को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आईआईटी चेन्नई तथा नीदरलैंड की प्रतिष्ठित संस्था रॉयल हास्कोनिंग के विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता ली जा रही है। विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर दीर्घकालिक समाधान तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में समुद्री कटाव और ज्वार-भाटा से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। इन उपायों से न केवल गंगासागर मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि सागर द्वीप के संवेदनशील तटीय क्षेत्रों की भी स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

एक नजर अहम बातों पर

* आश्रम की सुरक्षा के लिए ‘सैंड नॉरिशमेंट’ (रेत पोषण) का उपाय

* तटीय संरक्षण को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

* आईआईटी चेन्नई तथा नीदरलैंड की प्रतिष्ठित संस्था रॉयल हास्कोनिंग के विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता ली जा रही है।

व्यापक वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया

मंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल के चार जिलों में नदी प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से ड्रेजिंग और व्यापक वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है। मंत्री ने कहा कि अचानक आने वाली बाढ़ अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

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